India Budget: मूडीज का बड़ा बयान! कहा - 'टैक्टिकल' है बजट, रेटिंग पर नहीं पड़ेगा कोई खास असर

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Budget: मूडीज का बड़ा बयान! कहा - 'टैक्टिकल' है बजट, रेटिंग पर नहीं पड़ेगा कोई खास असर
Overview

Moody's Ratings ने भारत के हालिया संघीय बजट को एक 'ब्रेकथ्रू' (Breakthrough) के बजाय 'टैक्टिकल' (Tactical) करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि सरकार के फिस्कल कंसॉलिडेशन (Fiscal Consolidation) प्लान से देश के क्रेडिट प्रोफाइल में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

फिस्कल कंसॉलिडेशन क्यों है कम?

एजेंसी ने इस बात पर जोर दिया है कि बजट डेफिसिट (Budget Deficit) को इस फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में GDP के 4.4% से घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य, फिस्कल डिसिप्लिन (Fiscal Discipline) की ओर एक कदम तो है, लेकिन यह भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग (Sovereign Credit Rating) को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं है।

Moody's Ratings के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Christian de Guzman ने बताया कि घाटा पूर्व-महामारी स्तरों की तुलना में अभी भी बड़ा है, जो दर्शाता है कि कंसॉलिडेशन के प्रयासों के बावजूद फिस्कल प्रेशर (Fiscal Pressure) बना हुआ है।

रेटिंग बदलने के लिए मेट्रिक्स काफी नहीं

De Guzman ने स्पष्ट किया कि कुल मिलाकर फिस्कल मेट्रिक्स (Fiscal Metrics) में सुधार इतना महत्वपूर्ण नहीं रहा है कि भारत की लॉन्ग-टर्म लोकल और फॉरेन-करेंसी सॉवरेन रेटिंग्स (Long-term Local and Foreign-currency Sovereign Ratings) में कोई बदलाव किया जा सके। Moody's ने पिछले साल भारत की रेटिंग्स को स्टेबल आउटलुक (Stable Outlook) के साथ कन्फर्म (Affirm) किया था, जिसका मुख्य कारण इकॉनमी की मजबूती और डोमेस्टिक फंडिंग (Domestic Funding) थी।

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में इकॉनमी के 7.4% की दर से बढ़ने और इन्फ्लेशन (Inflation) के करीब 2% रहने का अनुमान है। Moody's इन आंकड़ों को स्वीकार करता है, लेकिन उनका मानना है कि रेटिंग अपग्रेड के लिए ये फिस्कल कंसर्न्स (Fiscal Concerns) को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। यह असेसमेंट (Assessment) बताता है कि भले ही सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन भारत की क्रेडिटवर्थीनेस (Creditworthiness) में स्थायी सुधार लाने के लिए फिस्कल रिफॉर्म (Fiscal Reform) की गति और पैमाने को और तेज करने की जरूरत है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.