अनिश्चितता के बीच Marico की दमदार तस्वीर
ग्लोबल मार्केट में भले ही भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) और तेल की ऊंची कीमतों का असर दिख रहा हो, लेकिन कंज्यूमर गुड्स कंपनी Marico ने आने वाली तिमाही के लिए शानदार उम्मीदें जताई हैं। कंपनी का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले डबल-डिजिट की रफ्तार से बढ़ेगा। इतना ही नहीं, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी लो-ट्वेंटीज (low-twenties) यानी करीब 20-25% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
मार्जिन क्यों सुधरेगा? कॉपरा की गिरी कीमतें
इस शानदार अनुमान के पीछे मुख्य वजह है कॉपरा (copra) की कीमतों में आई भारी गिरावट। कॉपरा, जो हेयरकेयर प्रोडक्ट्स के लिए एक अहम रॉ मैटेरियल (raw material) है, उसके दाम गिरने से कंपनी के ग्रॉस मार्जिन (gross margins) में सुधार देखने को मिलेगा। भारत में कंपनी के बिजनेस ने हाई सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ (high single-digit volume growth) बनाए रखी है, जो इसकी मज़बूती दिखाती है। वहीं, इंटरनेशनल ऑपरेशंस में करेंसी फ्लक्चुएशंस (currency fluctuations) को एडजस्ट करने के बाद हाई-टीन ग्रोथ (high-teen growth) बनी हुई है। कंपनी मैनेजमेंट का मानना है कि ब्रांड्स में स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट और स्मार्ट प्राइसिंग (smart pricing) से यह वॉल्यूम-ड्रिवन ग्रोथ (volume-driven growth) जारी रहेगी।
ग्लोबल टेंशन और FII की बिकवाली का असर
हालांकि, दुनिया भर की चिंताएं कम नहीं हो रही हैं। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने ग्लोबल मार्केट में सावधानी बढ़ा दी है। 6 अप्रैल, 2026 तक, गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स (GIFT Nifty futures) ने भारतीय शेयर बाजारों में नरमी का संकेत दिया। पिछले हफ्ते (2 अप्रैल, 2026 तक) भारतीय मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां लगातार 6 हफ्तों तक गिरावट आई। कच्चे तेल के दाम $110 प्रति बैरल के पार जाने से यह चिंता और बढ़ी। इस तनाव के चलते फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) ने भारतीय बाजार से भारी बिकवाली की है, सिर्फ 2 अप्रैल, 2026 को ही ₹9,931 करोड़ के शेयर बेचे गए। हालांकि, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹7,208 करोड़ का निवेश करके कुछ सहारा दिया।>
एक्सपर्ट्स की राय और वैल्यूएशन
एनालिस्ट्स (Analysts) Marico को लेकर पॉजिटिव हैं, उनकी 'मॉडरेट बाय' (Moderate Buy) रेटिंग है और टारगेट प्राइस ₹860-₹900 के बीच है। Motilal Oswal, Avendus, HSBC, और Goldman Sachs जैसे बड़े ब्रोकर्स ने 'बाय' रेटिंग को बरकरार रखा है, टारगेट प्राइस ₹825 से ₹870 तक रखा है। Marico का मौजूदा P/E रेश्यो (P/E ratio) लगभग 50-56x है, जो बाजार की उम्मीदों को दर्शाता है। FMCG सेक्टर में रूरल डिमांड (rural demand) धीरे-धीरे सुधर रही है, जबकि अर्बन डिमांड (urban demand) स्थिर बनी हुई है।
बाहरी जोखिम और आगे की राह
Marico के ग्रोथ अनुमानों और एनालिस्ट्स की पॉजिटिव राय के बावजूद, कुछ बाहरी जोखिम बने हुए हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग लागत को बढ़ा सकती हैं, साथ ही कंज्यूमर खर्च क्षमता को भी प्रभावित कर सकती हैं। कमजोर भारतीय रुपया इंपोर्टेड रॉ मैटेरियल्स पर दबाव बढ़ा सकता है। FIIs की लगातार बिकवाली बाजार में चुनौतियां खड़ी कर सकती है। कंपनी ने मीडियम-टर्म में सस्टेनेबल, प्रॉफिटेबल और वॉल्यूम-ड्रिवन ग्रोथ का लक्ष्य दोहराया है। एनालिस्ट्स अगले कुछ सालों में रेवेन्यू में 11-14% और ऑपरेटिंग इनकम में 13-17% की CAGR ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं।