बाज़ार में लौटी तेज़ी, M&M के शेयरों में उछाल
आज यानी 10 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाज़ारों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। Sensex करीब 640 पॉइंट चढ़कर 78,000 के पास बंद हुआ, जबकि Nifty 50 ने 24,200 का आंकड़ा पार किया। इसी बहार में, ऑटो दिग्गज Mahindra & Mahindra (M&M) के शेयरों ने भी निवेशकों को खुश कर दिया और करीब 4% की जबरदस्त तेजी दर्ज की। यह तेजी बाज़ार के बड़े उतार-चढ़ावों और कंपनी के स्ट्रेटेजिक (Strategic) बदलावों के बीच आई है।
ऑटो सेक्टर की मजबूती दे रही सहारा
इस तेजी का एक बड़ा कारण ऑटो सेक्टर की मज़बूत स्थिति है। सरकारी नीतियों, खास तौर पर GST 2.0 के बाद गाड़ियों की बढ़ी अफोर्डेबिलिटी (Affordability), लगातार बढ़ती ग्रामीण आय और महंगाई से बचाव के तौर पर गाड़ियों को देखने के नज़रिए से डिमांड बढ़ी है। फरवरी 2026 ऑटो सेल्स के लिए एक रिकॉर्ड महीना साबित हुआ। M&M, जो 2025 में हुंडई को पीछे छोड़कर पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी, इस मज़बूत सेक्टर का पूरा फायदा उठा रही है।
वैल्यूएशन और फाइनेंशियल हेल्थ
M&M का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) फिलहाल ₹4 ट्रिलियन के करीब है। पिछले 12 महीनों का इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 23.7x से 29.17x के बीच है, जो इसके 10 साल के औसत 17.61 से तो ज़्यादा है, पर कुछ प्रतिस्पर्धियों जैसे मारुति सुजुकी (P/E 32.50) से कम है। कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे भी दमदार हैं, जिसमें नेट सेल्स सालाना 17.93% और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 31.37% बढ़ा है। Q3 FY26 के लिए इसका कंसोलिडेटेड 20.1% का एनुअलाइज्ड (Annualized) रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) दर्ज किया गया, जो कंपनी के टारगेट से भी ज़्यादा है।
एनालिस्ट्स की राय: ज़्यादातर बुलिश, पर एक 'होल्ड'
ज़्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) M&M के शेयर को लेकर बुलिश (Bullish) हैं। 35 एनालिस्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग मिली है और औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹4,314.29 है, जो मौजूदा स्तरों से 35% से ज़्यादा की बढ़त का संकेत देता है। अलग-अलग फर्मों ने लक्ष्य ₹3,650 से ₹4,767 तक रखे हैं। हालांकि, MarketsMojo ने फरवरी 2026 के अंत में इसे 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दी थी, जो इसके मजबूत फंडामेंटल्स और आकर्षक वैल्यूएशन को तो मानती है, पर कुछ छोटी तकनीकी चिंताओं की ओर इशारा करती है।
घाटे वाले बिज़नेस से बाहर निकलना और रेगुलेटरी मुद्दे
कंपनी अपनी एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ाने के लिए घाटे वाले बिज़नेस से बाहर निकल रही है। हाल ही में, M&M ने अपनी जापानी फार्म इक्विपमेंट कंपनी Mitsubishi Mahindra Agricultural Machinery Co., Ltd. (MAM) को लिक्विडेट करके बाहर निकलने का फैसला किया है। FY25 में MAM का रेवेन्यू ₹1,786.03 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी कुछ रेगुलेटरी (Regulatory) चुनौतियों का भी सामना कर रही है, जिसमें ग्रुप कंपनियों को दिए गए ब्रांड रॉयल्टी पर GST का एक मामला (2017-2023 के लिए) और पुराने Scorpio मॉडल से जुड़ा एक एक्सीडेंट क्लेम शामिल है।
वैल्यूएशन चिंताएं और बाज़ार की वोलेटिलिटी (Volatility)
बाज़ार में मौजूदा तेज़ी के बावजूद, M&M का P/E रेशियो ऐतिहासिक औसत से ऊपर बना हुआ है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि भारतीय बाज़ार की सालाना ग्रोथ 11.1% की तुलना में M&M की रेवेन्यू ग्रोथ 1.8% धीमी रह सकती है। यह ऐसे समय में है जब बाज़ार ने हाल ही में बड़ी गिरावट और उतार-चढ़ाव देखे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि मौजूदा तेजी बाज़ार में आई सामान्य रिकवरी का हिस्सा हो सकती है।
M&M का भविष्य का आउटलुक
आगे चलकर, FY27 के लिए ऑटो सेक्टर में 3-6% की ग्रोथ का अनुमान है, हालांकि FY26 एक मज़बूत साल रहा था। M&M के मैनेजमेंट ने 15-20% EPS ग्रोथ और 18% ROE हासिल करने का लक्ष्य दोहराया है, जो भविष्य में लगातार मुनाफे के प्रति उनका भरोसा दिखाता है। नागपुर, महाराष्ट्र में कंपनी अपने सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में अगले दस सालों में भारी निवेश करने की योजना बना रही है। कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स M&M के शेयर को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं।