Lok Sabha में Finance Bill 2026 पास: Union Budget 2026-27 की राह साफ

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Lok Sabha में Finance Bill 2026 पास: Union Budget 2026-27 की राह साफ
Overview

सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों को आज लोकसभा में बड़ी मंजूरी मिल गई है। सदन ने **32 संशोधनों** के साथ वित्त विधेयक 2026 को पारित कर दिया है, जिससे Union Budget 2026-27 पेश करने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का अनुमान है कि कुल खर्च **₹53.47 लाख करोड़** रहेगा, जो पिछले साल से **7.7%** ज्यादा है, और राजकोषीय घाटा जीडीपी का **4.3%** रहने का अनुमान है।

अब Rajya Sabha भेजेगा विधेयक

लोकसभा से हरी झंडी मिलने के बाद, वित्त विधेयक 2026 अब अंतिम मंजूरी के लिए Rajya Sabha भेजा जाएगा। यह महत्वपूर्ण विधेयक सरकार की वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं की रूपरेखा तैयार करता है।

बजट का खर्च और रेवेन्यू लक्ष्य

नए बजट प्रस्तावों में कुल ₹53.47 लाख करोड़ का खर्च प्रस्तावित है, जो चालू वित्तीय वर्ष के संशोधित अनुमानों से 7.7% अधिक है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ की भारी-भरकम राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए आवंटित की गई है। वहीं, ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू (Gross Tax Revenue) ₹44.04 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

उधार योजनाएं और फिस्कल डेफिसिट

वित्तीय वर्ष 2027 के लिए ग्रॉस बोर्रोइंग (Gross Borrowing) ₹17.2 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.3% तक कम होने का अनुमान है, जो चालू वर्ष के 4.4% के लक्ष्य से थोड़ा कम है। यह बढ़ी हुई खर्च के साथ-साथ घाटे को नियंत्रित करने का प्रयास दर्शाता है।

बाजार की चाल पर नजर

बाजार विश्लेषक संशोधनों के विवरण और Rajya Sabha के अगले सत्र पर बारीकी से नजर रखेंगे। खर्च और उधार में बढ़ोतरी के आंकड़े डेट मार्केट (Debt Market) और कंपनियों की कमाई के अनुमानों को प्रभावित कर सकते हैं। अनुमानित 4.3% का राजकोषीय घाटा बताता है कि सरकार विकास के उपायों और वित्तीय प्रबंधन के बीच संतुलन बनाने का लक्ष्य रख रही है, जिसका बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) और बाजार की भावना पर असर पड़ सकता है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.