लेबर मार्केट में स्थिरता, पर टेक सेक्टर में उथल-पुथल
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2 मई को खत्म हुए हफ्ते में अमेरिका में शुरुआती बेरोज़गारी भत्ते के लिए आवेदन 10,000 बढ़कर 200,000 हो गए। यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों की उम्मीदों से कम है। दूसरी ओर, लगातार क्लेम्स में 1.77 मिलियन की गिरावट आई है, जो पिछले 2 सालों का सबसे निचला स्तर है। यह इंगित करता है कि कुल मिलाकर लेबर मार्केट में हायरिंग और फायरिंग की दरें कम हैं।
टेक सेक्टर में छंटनी का बढ़ता जोर
हालांकि, यह ओवरऑल स्थिरता अमेरिका के टेक्नोलॉजी सेक्टर की बढ़ती मुश्किलों के बिलकुल विपरीत है। अप्रैल महीने में टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला जारी रहा, जिससे इस साल अब तक हुई नौकरी कटौती एक 3-साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। Meta Platforms (META) और Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने अलग-अलग विभागों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह दिखाता है कि जहाँ आम रोज़गार बाज़ार स्थिर दिख रहा है, वहीं कुछ खास इंडस्ट्रीज़ तेज़ी से बदलाव और नौकरी के नुकसान का सामना कर रही हैं।
निवेशकों की राय में अंतर: टेक बनाम कंज्यूमर गुड्स
निवेशकों की सोच और कंपनियों के वैल्यूएशन में भी यह विभाजन साफ दिख रहा है। Meta Platforms (META) का P/E रेशियो लगभग 22.19 है, जो इसके 10 साल के औसत से कम है। ज्यादातर एनालिस्ट META को खरीदने की सलाह दे रहे हैं और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर $836.39 कर दिया है, जो 36% से ज़्यादा की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है। वहीं, Nike (NKE) के सामने ज़्यादा अनिश्चितता है। इसका P/E रेशियो लगभग 29.09 है और इसका औसत एनालिस्ट टारगेट प्राइस $63.44 है, जो हालिया $43.88 की कीमत से लगभग 44.58% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाता है।
फेडरल रिजर्व की चुनौती: महंगाई और रेट हाइक की बढ़ती उम्मीदें
लगातार बढ़ती महंगाई और भू-राजनीतिक तनावों के बीच फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) एक मुश्किल स्थिति का सामना कर रहा है। मजबूत लेबर मार्केट के आंकड़ों के बावजूद, महंगाई को देखते हुए मॉनेटरी पॉलिसी पर फिर से विचार करना पड़ रहा है। ट्रेडर्स अब फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी (rate hikes) की उम्मीदें लगा रहे हैं। 2026 के अंत तक दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है, जो पहले रेट कट की उम्मीदों से बिल्कुल अलग है।
AI का बढ़ता प्रभाव और इकोनॉमी पर जोखिम
टेक सेक्टर में लगातार हो रही छंटनी, जो साल-दर-साल के हिसाब से 3 साल के उच्चतम स्तर पर है, एक बड़ा जोखिम पैदा करती है। Meta जैसी कंपनियां AI डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्टाफ में कटौती कर रही हैं। यह बदलाव, जो लंबी अवधि के लिए अच्छा हो सकता है, तत्काल कठिनाइयां लाता है, जैसे कि पुराने बिज़नेस से कम रेवेन्यू और AI निवेश पर रिटर्न का गलत अनुमान लगाने का जोखिम। Google (Alphabet) भी इसी तरह के दबाव का सामना कर रहा है, जिसका P/E रेशियो लगभग 29.2x है।
