जापानी येन 40 साल के निचले स्तर पर: सरकारी हस्तक्षेप का जोखिम बढ़ा

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AuthorMehul Desai|Published at:
जापानी येन 40 साल के निचले स्तर पर: सरकारी हस्तक्षेप का जोखिम बढ़ा

जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले **163** के पार जा गिरा है, जो पिछले चार दशकों का सबसे निचला स्तर है। भारी मात्रा में बाजार में हस्तक्षेप के बावजूद येन की यह कमजोरी लगातार जारी है। निवेशक अब इस बात पर नजरें गड़ाए हुए हैं कि क्या अधिकारी ब्याज दरों के बड़े अंतर के बीच करेंसी को स्थिर करने के लिए और कड़े कदम उठाएंगे।

Detailed Coverage

येन में 40 साल की सबसे बड़ी गिरावट

जापानी येन की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 साल के निचले स्तर पर आ गई है, जो 163 का आंकड़ा पार कर गई है। यह ताजा गिरावट जापानी वित्तीय अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है, जो करेंसी की इस गिरती कीमत को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कमजोरी अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yield) में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मिले-जुले असर से बढ़ी है, जो डॉलर को लगातार मजबूत कर रही हैं।

बाजार को स्थिर करने की चुनौतियां

पिछले प्रयासों के बावजूद, येन की गिरावट को पलटना मुश्किल साबित हो रहा है। अप्रैल के अंत से मई के अंत तक, जापानी अधिकारियों ने करेंसी मार्केट में करीब 11.73 ट्रिलियन येन यानी लगभग 71.9 अरब डॉलर खर्च किए थे। हालांकि, इन कदमों का असर केवल अस्थायी रहा। मौजूदा बाजार हालात, जिसमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका व जापान के बीच ब्याज दरों का लगातार बना हुआ अंतर शामिल है, येन पर दबाव बनाए हुए हैं।

कैरी ट्रेड और हस्तक्षेप का जोखिम

विश्लेषकों का कहना है कि यह लगातार कमजोरी 'कैरी ट्रेड' (Carry Trade) से भी जुड़ी है। इसमें निवेशक कम ब्याज दर पर येन उधार लेकर डॉलर में अधिक यील्ड (Yield) वाली संपत्तियों में निवेश करते हैं। बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) की प्रोत्साहनकारी मौद्रिक नीतियां इस अंतर को बढ़ाए हुए हैं। रणनीतिकारों ने यह भी देखा है कि बाजार के प्रतिभागी अक्सर सरकारी हस्तक्षेप की चेतावनियों को येन के खिलाफ अपनी पोजीशन बढ़ाने के अवसर के रूप में देखते हैं, न कि बाहर निकलने के संकेत के रूप में, क्योंकि उनका मानना है कि आर्थिक आधार वही बना हुआ है।

नीतिगत विकल्प और उनकी सीमाएं

जापानी अधिकारी करेंसी को सहारा देने के विभिन्न तरीकों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन कई उपलब्ध साधनों की अपनी सीमाएं हैं। उदाहरण के लिए, कुछ लोगों का सुझाव है कि सरकारी पेंशन निवेश कोष (Government Pension Investment Fund) येन का समर्थन करने के लिए विदेशी संपत्तियों को वापस ला सकता है। लेकिन, इस फंड को कानूनी तौर पर करेंसी प्रबंधन के बजाय पेंशन लाभार्थियों के लिए रिटर्न को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इसके अलावा, हाल की सरकारी वित्तीय योजनाएं, जैसे कि टैक्स-फ्री NISA खातों के माध्यम से घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करना, लंबी अवधि की पहल हैं और इन्हें करेंसी की वर्तमान गिरावट को रोकने के लिए आवश्यक तत्काल राहत प्रदान करने की उम्मीद नहीं है।

वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा (Satsuki Katayama) संभावित हस्तक्षेपों को लेकर चेतावनी जारी करती रही हैं। हालांकि, समय के साथ ऐसी मौखिक चेतावनियों की प्रभावशीलता कम हो गई है। भविष्य को देखते हुए, बाजार पर्यवेक्षक इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि क्या सरकार केवल हस्तक्षेप से आगे बढ़कर अधिक मौलिक आर्थिक बदलाव लाएगी या करेंसी के रुझानों को प्रभावित करने के लिए वैश्विक भागीदारों के साथ अधिक निकटता से समन्वय करेगी। फिलहाल, निवेशकों के लिए मुख्य निगरानी योग्य तत्व जापानी वित्तीय अधिकारियों द्वारा और अधिक आक्रामक कार्रवाई की संभावना और अमेरिकी ब्याज दर की उम्मीदों में किसी भी बदलाव पर बनी हुई है, जो वर्तमान यील्ड अंतर को कम करने में मदद कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.