Japan Producer Prices: जून में **7.1%** की उछाल, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Japan Producer Prices: जून में **7.1%** की उछाल, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ी

जापान के लिए एक चिंताजनक खबर है। जून महीने में प्रोड्यूसर प्राइसेज में **7.1%** की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों और वेतन वृद्धि ने इस उछाल को हवा दी है।

प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में भारी उछाल

जापान में कॉरपोरेट गुड्स प्राइस, जिसे प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) भी कहा जाता है, जून में पिछले साल की तुलना में 7.1% बढ़ गया। यह 2023 की शुरुआत के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी है, जो कंपनियों पर बढ़ते परिचालन लागत का दबाव दिखाती है। जून में मासिक वृद्धि 0.4% रही, जो मई के आंकड़ों में हुए सुधार के बाद आई है।

मॉनेटरी पॉलिसी और करेंसी पर असर

यह लगातार बढ़ती महंगाई दर बैंक ऑफ जापान (BOJ) को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करने के लिए और मजबूती दे रही है। मार्केट में यह उम्मीद बढ़ गई है कि BOJ इस साल के अंत तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है, कुछ अनुमानों के मुताबिक यह अक्टूबर में भी हो सकता है। इन सबके बीच, जापानी येन पर दबाव बना हुआ है और यह डॉलर के मुकाबले 162.36 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो चार दशक का निचला स्तर है। यह जापान की ब्याज दर नीति और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की ऊंची दरों के बीच के अंतर को दर्शाता है।

महंगाई के मुख्य कारण और वेज ग्रोथ

प्रोड्यूसर प्राइस में वृद्धि का मुख्य कारण एनर्जी से संबंधित वस्तुओं, जैसे तेल, गैसोलीन और बिजली, साथ ही प्लास्टिक उत्पादों की बढ़ती कीमतें हैं। इस लागत दबाव के चलते जापानी सरकार परिवारों को राहत देने के लिए संभावित सब्सिडी पर विचार कर रही है। एक महत्वपूर्ण फैक्टर जिसने इस ट्रेंड को सपोर्ट किया है, वह है सालाना वेज नेगोशिएशन का हालिया नतीजा, जिसमें वर्कर्स को औसतन 5% से अधिक का वेतन वृद्धि मिला है। यह 1990 के दशक की शुरुआत के बाद जापान में देखी गई सबसे बड़ी वेतन वृद्धि है। प्रोड्यूसर प्राइस डेटा के साथ मिलकर, यह बताता है कि कंपनियां बढ़ी हुई लागत को उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं, जिससे महंगाई अर्थव्यवस्था का एक स्थायी हिस्सा बनती जा रही है।

निवेशक बैंक ऑफ जापान की अगली पॉलिसी मीटिंग्स और ब्याज दरों के भविष्य पर उनके बयानों पर बारीकी से नजर रखेंगे। सबसे अहम बात यह देखना होगा कि क्या उच्च प्रोड्यूसर प्राइस और लगातार वेतन वृद्धि का संयोजन उपभोक्ता महंगाई में स्थायी वृद्धि की ओर ले जाता है, जो सेंट्रल बैंक को अपनी अल्ट्रा-लो इंटरेस्ट रेट की नीति से हटने के लिए और मजबूर करेगा।

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