धीमी पर सकारात्मक रफ्तार
यह कुल मिलाकर 3% की बढ़ोतरी भारतीय जॉब मार्केट के परिपक्व होने का संकेत देती है। अब यह सिर्फ आईटी पर निर्भर नहीं, बल्कि विभिन्न सेक्टर्स में विविधता दिखा रहा है। फ्रेशर्स के लिए बढ़ती नौकरियां आर्थिक स्थिरता का अच्छा संकेत हैं।
मुख्य वजह: लगातार नौकरी की बढ़त
Naukri JobSpeak Index जनवरी 2026 में 2,637 अंकों पर पहुंच गया, जो जनवरी 2025 के 2,550 अंकों की तुलना में 3% ज्यादा है। यह बढ़त हायरिंग एक्टिविटी में लगातार मजबूती दिखाती है। Info Edge (India) Ltd., जो Naukri.com की पैरेंट कंपनी है, का मार्केट कैप लगभग ₹80,000 से ₹81,000 करोड़ है, जो बाजार का इस पर भरोसा दिखाता है।
सेक्टर-वार विश्लेषण और AI का जलवा
जनवरी की हायरिंग ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान नॉन-आईटी सेक्टर्स का रहा। BPO/ITES में 21% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई, इसके बाद हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल में 15% की वृद्धि हुई। इंश्योरेंस सेक्टर में 7% और हेल्थकेयर में 5% की ग्रोथ देखी गई। वहीं, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में 15% की गिरावट आई, जो ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के कारण पारंपरिक नौकरियों में कमी का संकेत है। आईटी सेक्टर कुल मिलाकर सपाट रहा, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) से जुड़े रोल्स में 34% की तूफानी तेजी देखी गई।
फ्रेशर्स की मांग और भौगोलिक विस्तार
एंट्री-लेवल (0-3 साल का अनुभव) नौकरियों में भी 8% की अच्छी वृद्धि हुई। यह बढ़त नॉन-आईटी सेक्टर्स में खास तौर पर दिखी, जैसे हॉस्पिटैलिटी (+33%), इंश्योरेंस (+35%), BPO/ITES (+39%) और रियल एस्टेट (+42%)। पिछले तीन महीनों से फ्रेशर्स के लिए लगातार मौके बढ़ रहे हैं। ग्रोथ सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही; कोयंबटूर में 16% और जयपुर में 15% की वृद्धि देखी गई। हैदराबाद में कुल हायरिंग 10% बढ़ी, जिसमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की हायरिंग 14% रही। कई सेक्टर्स में 80% से ज्यादा हायरिंग की बढ़ोतरी विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) ने की।
भविष्य की उम्मीदें
Naukri के चीफ बिजनेस ऑफिसर, डॉ. पवन गोयल, ने कहा, 'BPO/ITES और हॉस्पिटैलिटी जैसे प्रमुख सेक्टर्स में लगातार साल-दर-साल ग्रोथ देखकर खुशी हो रही है। 2026 की शुरुआत मजबूती से हुई है।' उन्होंने भारतीय आईटी MNCs के प्रदर्शन को भी नौकरी बाजार के लिए अच्छा बताया। यह विविधतापूर्ण विकास पैटर्न आर्थिक स्थिरता का वादा करता है, जो किसी एक इंडस्ट्री पर निर्भर नहीं होगा। बाजार को AI/ML जैसे खास स्किल्स और विभिन्न सेक्टर्स में फ्रेश टैलेंट की लगातार मांग की उम्मीद है, भले ही बैंकिंग जैसे पारंपरिक रोल्स में तकनीकी बदलावों के कारण दबाव बना रहे।