India's Unincorporated Sector: अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा! **8%** बढ़ी रफ्तार, **74** लाख नौकरियां

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India's Unincorporated Sector: अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा! **8%** बढ़ी रफ्तार, **74** लाख नौकरियां
Overview

India's Unincorporated Sector के लिए 2025 का साल शानदार रहा। गैर-कृषि क्षेत्र में **8%** की तेज ग्रोथ दर्ज की गई, जिससे कुल प्रतिष्ठानों (Establishments) की संख्या बढ़कर **7.92 करोड़** हो गई। MoSPI सर्वे के मुताबिक, इस विस्तार ने **74 लाख** से अधिक नई नौकरियां पैदा की हैं, जिसमें 'Other Services' सेक्टर का योगदान सबसे बड़ा रहा।

प्रमुख सेक्टर ग्रोथ (Key Sector Growth)

2025 में India's Unincorporated Non-Agricultural Sector ने ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाई है। प्रतिष्ठानों (Establishments) की संख्या में करीब 8% का इजाफा हुआ है। अब इनकी कुल संख्या बढ़कर 7.92 करोड़ हो गई है, जो 2023-24 के सर्वे में दर्ज 7.34 करोड़ से काफी ज़्यादा है। ये वो छोटे बिज़नेस हैं, जिनमें छोटे मैन्युफैक्चरर्स, सर्विस प्रोवाइडर्स और ट्रेडर्स शामिल हैं, जो किसी फॉर्मल रजिस्ट्रेशन के दायरे में नहीं आते।

रोजगार में बढ़ोतरी (Employment Gains)

इस सेक्टर में 2025 तक करीब 12.81 करोड़ वर्कर काम कर रहे थे, जो पिछले सर्वे के मुकाबले 74.52 लाख से ज़्यादा नई नौकरियां हैं। 'Other Services' सेक्टर इस जॉब क्रिएशन का मुख्य जरिया रहा, जिसमें 7.4% की ग्रोथ के साथ लगभग 35 लाख नई पोजीशन बनीं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी लगभग 6.5% का इजाफा हुआ, जबकि ट्रेड सेक्टर में 6% से ज़्यादा नौकरियां बढ़ीं।

बढ़ती उत्पादकता और कमाई (Rising Productivity & Pay)

वर्कर की सैलरी में 3.88% का इजाफा हुआ। ट्रेड सेक्टर में प्रति वर्कर वेतन सबसे ज़्यादा बढ़ा, जो करीब 8.5% रहा। लेबर प्रोडक्टिविटी (Labor Productivity), जिसे ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) प्रति वर्कर से मापा जाता है, 4.54% बढ़कर करीब ₹1.5 लाख से ज़्यादा होकर ₹1.56 लाख के पार पहुंच गई। वहीं, हर प्रतिष्ठान से होने वाली GVA भी बढ़ी, जो करीब ₹2.46 लाख से बढ़कर लगभग ₹2.53 लाख हो गई।

महिला उद्यमियों की भागीदारी (Women in Entrepreneurship)

सर्वे में यह भी सामने आया कि प्रोपराइटरी प्रतिष्ठानों (Proprietary Establishments) में महिला मालिकों की हिस्सेदारी थोड़ी बढ़ी है, जो 26.2% से बढ़कर 27% हो गई है। यह इस सेक्टर में महिला उद्यमियों की बढ़ती संख्या का संकेत देता है। MoSPI द्वारा 6.7 लाख से ज़्यादा प्रतिष्ठानों के डेटा के आधार पर किए गए इस सर्वे से यह साफ होता है कि ये छोटे बिज़नेस भारतीय अर्थव्यवस्था में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।

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