UPI का बढ़ा दबदबा! फ्रांस के मशहूर स्टोर में हुई शुरुआत, निवेशकों के लिए क्या है खास

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
UPI का बढ़ा दबदबा! फ्रांस के मशहूर स्टोर में हुई शुरुआत, निवेशकों के लिए क्या है खास

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI का ग्लोबल सफर लगातार जारी है। अब फ्रांस के बड़े डिपार्टमेंट स्टोर Galeries Lafayette में UPI पेमेंट की शुरुआत हो गई है। यह भारत की फिनटेक (Fintech) क्रांति के बढ़ते ग्लोबल एक्सेप्टेंस का एक और बड़ा सबूत है।

क्या हुआ?

भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने फ्रांस में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है। अब Nice शहर के मशहूर Galeries Lafayette डिपार्टमेंट स्टोर पर भी भारतीय यात्री UPI से पेमेंट कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की इंटरनेशनल विंग NIPL ने इस सुविधा को फ्रांस की पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर Lyra Collect के साथ मिलकर शुरू किया है। इससे पहले पेरिस के एफिल टॉवर पर भी UPI की सफल लॉन्चिंग हो चुकी है।

डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का विस्तार

NPCI International Payments Limited (NIPL) भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को दुनिया भर में पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। UPI का अंतरराष्ट्रीय रिटेल सेंटर्स तक पहुंचना भारतीय यात्रियों के लिए पेमेंट को आसान बनाएगा और भारत के फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती को भी दर्शाएगा। अब UPI कुल 9 देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया शामिल हैं।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

UPI का यह ग्लोबल विस्तार भारत के फिनटेक सेक्टर की परिपक्वता (Maturity) और स्केलेबिलिटी (Scalability) को दिखाता है। भले ही किसी एक स्टोर में UPI की शुरुआत का सीधा असर भारतीय बैंकों और फिनटेक कंपनियों पर तत्काल मामूली हो, लेकिन यह एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में UPI को बढ़ती स्वीकार्यता से उन बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए ट्रांजैक्शन वॉल्यूम (Transaction Volume) बढ़ने की उम्मीद है जो क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट (Cross-border Payment) का बैकबोन हैं।

जैसे-जैसे UPI भारतीय यात्रियों के लिए स्टैंडर्ड बनता जाएगा, वैसे-वैसे उन बैंकों और फिनटेक कंपनियों को फायदा होगा जो इन ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस करने में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। इससे यूजर लॉयल्टी (User Loyalty) और ट्रांजैक्शन फीस से होने वाली कमाई बढ़ेगी। इन ग्लोबल पार्टनरशिप की सफलता भारत के मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रमाणित करती है, जो घरेलू फिनटेक कंपनियों की ग्लोबल लेवल पर पोजिशनिंग को मजबूत कर सकती है।

बड़ी तस्वीर

पिछले कुछ सालों में भारत में डिजिटल पेमेंट्स में भारी उछाल आया है और ट्रांजैक्शन वॉल्यूम लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। इस टेक्नोलॉजी का एक्सपोर्ट (Export) सिर्फ सुविधा के लिए नहीं है, बल्कि एक स्केलेबल और इंटरऑपरेबल (Interoperable) सिस्टम बनाने के बारे में है जो मौजूदा ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क को टक्कर दे सके। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और सरकार की तरफ से UPI को ग्लोबल स्तर पर प्रमोट करने के प्रयासों ने इसे आगे बढ़ाया है।

क्या गलत हो सकता है?

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार में सिर्फ तकनीकी कार्यान्वयन (Technical Implementation) से कहीं ज्यादा जटिलताएं होती हैं। क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स लोकल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Regulatory Framework), करेंसी फ्लक्चुएशन (Currency Fluctuation) के रिस्क और विदेशी ज्यूरिस्डिक्शन (Jurisdiction) में डेटा सिक्योरिटी (Data Security) जैसी चिंताओं के अधीन हैं। Lyra Collect जैसी मौजूदा पार्टनरशिप के बावजूद, व्यापक ग्लोबल स्वीकार्यता के लिए विदेशी मर्चेंट (Merchant) को इसे अपनाना होगा और पुराने कार्ड-आधारित पेमेंट सिस्टम से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। भू-राजनीतिक बदलाव (Geopolitical Ties) भी इन विस्तारों की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?

आगे चलकर, मार्केट के लिए मुख्य बात यह है कि इन अंतरराष्ट्रीय UPI कॉरिडोर के माध्यम से कितने क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शंस प्रोसेस हो रहे हैं। निवेशक अतिरिक्त पार्टनरशिप, नेटवर्क में नए देशों का जुड़ना, और विदेशी मर्चेंट्स की UPI को इंटीग्रेट करने की इच्छा पर अपडेट की तलाश कर सकते हैं। इसके अलावा, बड़े भारतीय बैंकों और प्रमुख फिनटेक कंपनियों से उनकी अंतरराष्ट्रीय रणनीति और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट रेवेन्यू (Revenue) के योगदान पर कमेंट्री पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.