माइक्रो-ट्रांजैक्शन बने ग्रोथ के हीरो, पर जेब पर क्या असर?
डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम कमाल की रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है। 2025 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने 228 अरब से ज़्यादा ट्रांजैक्शन संभाले। कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में 33% की बढ़त के साथ यह ₹299.74 लाख करोड़ तक पहुँच गई। यह दिखाता है कि देश तेज़ी से 'माइक्रो-ट्रांजैक्शन' वाली इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है। रोज़मर्रा की छोटी-मोटी खरीददारी, लोकल दुकानों से सामान लेना या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया चुकाना, अब कैश की जगह डिजिटल पेमेंट से हो रहा है। यही वजह है कि UPI की एवरेज टिकट साइज़ (ATS) में 9% की गिरावट आई और यह ₹1,314 पर आ गई। मर्चेंट पेमेंट्स की औसत वैल्यू तो और भी कम, महज़ ₹592 रही, जो छोटे बिज़नेस की बड़ी संख्या में इस सिस्टम को अपनाने का संकेत देता है।