भारतीय शेयर बाज़ार (Indian equity markets) पिछले हफ्ते काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे और एक सीमित दायरे में कारोबार करते दिखे। BSE Sensex में 414.69 पॉइंट की बढ़त दर्ज हुई, वहीं NSE Nifty में 0.74 फीसदी की मामूली तेजी आई। शुरुआती दौर में मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और तेल की गिरती कीमतों से मिली उम्मीदें, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण फीकी पड़ गईं।
इस हफ्ते valuation में सबसे बड़ी सेंध State Bank of India (SBI) को लगी, जिसके मूल्यांकन (valuation) से ₹44,722.34 करोड़ कम हो गए और यह ₹9,41,107.62 करोड़ पर आ गया। इसके बाद Bharti Airtel का नंबर आया, जिसकी मार्केट कैप ₹31,167.1 करोड़ घटकर ₹11,18,055.03 करोड़ रह गई। Tata Consultancy Services (TCS) का भी ₹28,456.26 करोड़ का वैल्यू कम हुआ, जबकि Larsen & Toubro (L&T) को ₹5,371.84 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।
बाज़ार को सहारा देने वाले टॉप परफ़ॉर्मर
हालांकि, कुछ बड़ी कंपनियों ने अपने मार्केट वैल्यू में इजाफा भी किया। HDFC Bank के मार्केट वैल्यू में ₹15,425.09 करोड़ जुड़े, जिससे यह ₹12,02,699.26 करोड़ पर पहुंच गया। Bajaj Finance की मार्केट कैप ₹11,486.89 करोड़ बढ़कर ₹5,94,610.02 करोड़ हो गई। Reliance Industries सबसे ज़्यादा वैल्यू वाली कंपनी बनी रही, जिसने ₹6,563.28 करोड़ जोड़कर ₹19,42,866.58 करोड़ का आंकड़ा छुआ। Hindustan Unilever और Life Insurance Corporation of India (LIC) ने भी अपने वैल्यू में वृद्धि दर्ज की।
बाज़ार का रुख अभी भी सतर्क
यह मिली-जुली तस्वीर निवेशकों के बीच अनिश्चितता को दर्शाती है। कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने बाज़ार को सहारा दिया, लेकिन दूसरी तरफ बड़ी कंपनियों के वैल्यू में आई गिरावट एक सतर्क बाज़ार रुख (cautious market stance) का संकेत दे रही है। भू-राजनीतिक जोखिम (Geopolitical risks) ट्रेडिंग को प्रभावित कर रहे हैं।
