भारत की मजबूत विकास गाथा: वैश्विक अनिश्चितता के बीच कारोबारी नेताओं और अर्थशास्त्रियों का आशावाद।

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AuthorSimar Singh|Published at:
भारत की मजबूत विकास गाथा: वैश्विक अनिश्चितता के बीच कारोबारी नेताओं और अर्थशास्त्रियों का आशावाद।
Overview

शीर्ष व्यापारिक नेताओं और मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भारत की आर्थिक विकास दर पर मजबूत विश्वास व्यक्त किया है। महिंद्रा ग्रुप के सीईओ अनीश शाह ने वित्त, प्रौद्योगिकी और कृषि जैसे क्षेत्रों में विविध कॉर्पोरेट प्रदर्शन को उजागर किया, और दो दशकों तक 8-10% से अधिक वृद्धि का अनुमान लगाया। हनीवेल के अध्यक्ष अनंत महेश्वरी ने भारत को वैश्विक निवेश के लिए एक प्रमुख उज्ज्वल स्थान बताया। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने सरकारी नीतियों पर जोर दिया जिनका उद्देश्य रणनीतिक लचीलापन और वैश्विक मूल्य श्रृंखला एकीकरण का निर्माण करना है, जो पीएलआई (PLI) योजना की सफलताओं पर आधारित है।

प्रमुख व्यावसायिक हस्तियों के अनुसार, भारत की आर्थिक गति मजबूत है, जो विविध कॉर्पोरेट प्रदर्शन, रणनीतिक सरकारी नीतियों और बढ़ते निवेशक विश्वास से प्रेरित है। महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने कहा कि कंपनी का व्यवसाय केवल ऑटोमोबाइल पर निर्भर नहीं है, जिसमें ऑटो लाभ में केवल 28% का योगदान देता है, और एसयूवी (SUVs) तो उससे भी आधे से कम हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिंद्रा भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 70% में भूमिका निभाता है, जिसमें जुलाई-सितंबर तिमाही में फार्म व्यवसाय (54%), महिंद्रा फाइनेंस (45%) और टेक महिंद्रा (35%) में महत्वपूर्ण लाभ वृद्धि हुई है। शाह भारत की विकास दर को लेकर अत्यधिक आशावादी हैं, और अगले 20 वर्षों के लिए 8-10% से अधिक की वृद्धि का पूर्वानुमान लगा रहे हैं। हनीवेल ग्लोबल रीजन्स के अध्यक्ष अनंत महेश्वरी ने भी इसी भावना को दोहराया, और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख उज्ज्वल स्थान बताया। उन्होंने वैश्विक सीईओ द्वारा कराधान और टैरिफ को लेकर सामना की जा रही अनिश्चितता के विपरीत इसे प्रस्तुत किया। महेश्वरी ने नोट किया कि डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और उच्च-तकनीकी विनिर्माण जैसे क्षेत्र वैश्विक स्तर पर आपूर्ति-बाधित (supply-constrained) हैं, जो निरंतर निवेश चक्रों का संकेत देते हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने समझाया कि सरकारी नीति सक्षम ढांचे बनाने पर केंद्रित है, जैसे कि शुल्क संरचनाओं को ठीक करना और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ाना। उन्होंने उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना की सफलता से सबक लेते हुए, भारत के लिए 'रणनीतिक लचीलापन और अपरिहार्यता' (strategic resilience and indispensability) प्राप्त करने के लिए केवल 'स्वदेशीकरण' (indigenisation) से आगे बढ़ने के महत्व पर जोर दिया। प्रभाव: यह खबर भारत में निरंतर आर्थिक विकास और सकारात्मक निवेश माहौल का सुझाव देती है। बढ़ी हुई विदेशी और घरेलू निवेश, सहायक सरकारी नीतियों के साथ मिलकर, बाजार की धारणा को बढ़ावा देने और कॉर्पोरेट आय को बढ़ाने की संभावना है, जिससे संभावित रूप से शेयर बाजार में सकारात्मक प्रदर्शन हो सकता है। यह दृष्टिकोण भारत को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक आकर्षक बनाता है।

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