बाज़ार वैल्यू में भारी गिरावट, शेयर 3% से नीचे
भारत के शेयर बाज़ार में पिछले दो दिनों में $180 बिलियन का भारी बिकवाली (Sell-off) का दौर चला है। इसके चलते, देश का ग्लोबल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में हिस्सा 3% के नीचे चला गया है। यह स्थिति पिछले चार सालों में पहली बार देखी गई है, जो बाज़ार में जारी चिंता को दर्शाती है।
प्रतिद्वंद्वी बाज़ारें आगे बढ़ीं
हालांकि, India अभी भी दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा इक्विटी बाज़ार बना हुआ है, लेकिन ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देश तेज़ी से अपनी पकड़ बना रहे हैं। ताइवान इस साल अब तक 45% चढ़ा है, जबकि दक्षिण कोरिया 75% की बढ़त के साथ भारत के $4.77 ट्रिलियन के मार्केट कैप के करीब $4.7 ट्रिलियन तक पहुँच गया है।
मुख्य चिंताएं: वैल्यूएशन और आईटी सेक्टर पर AI का खतरा
निवेशकों की सावधानी के पीछे कई कारण हैं। India के शेयर बाज़ार का वैल्यूएशन (Valuation) अन्य बाज़ारों की तुलना में महंगा माना जा रहा है। इसके अलावा, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव का खतरा भी India के बाज़ार पर ज़्यादा पड़ता है। एक बड़ी चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का India के मुख्य आईटी सर्विसेज सेक्टर (IT Services Sector) पर पड़ने वाला संभावित स्ट्रक्चरल खतरा है, जो अतीत में विकास का एक बड़ा इंजन रहा है।
