भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) 30 जनवरी तक बढ़कर $723.8 बिलियन के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह बढ़ोतरी पिछले रिकॉर्ड $709.4 बिलियन को पार कर गई है और देश की अर्थव्यवस्था को एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करती है।
मजबूत आयात कवर
इस भारी-भरकम रिजर्व्स का मतलब है कि भारत अब 11 महीने से अधिक के मर्चेंडाइज इम्पोर्ट्स (Merchandise Imports) को आसानी से पूरा कर सकता है। यह विस्तारित कवर देश की अंतरराष्ट्रीय व्यापार देनदारियों को संभालने और बाहरी आर्थिक झटकों का सामना करने की मजबूत क्षमता को दर्शाता है। गवर्नर मल्होत्रा ने भारत के बाहरी सेक्टर (External Sector) के लचीलेपन पर जोर दिया और विश्वास जताया कि देश आसानी से आवश्यक बाहरी फाइनेंसिंग (Financing) हासिल कर लेगा।
आर्थिक स्थिरता का संकेत
फॉरेक्स रिजर्व्स में यह लगातार वृद्धि मजबूत मैक्रोइकॉनोमिक मैनेजमेंट (Macroeconomic Management) का संकेत देती है और निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है। यह वित्तीय ताकत भारत को गतिशील वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक मजबूत स्थिति में रखती है।