Budget 2026: STT Hike से शेयर बाजार में हाहाकार! ₹10 लाख करोड़ डूबे

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Budget 2026: STT Hike से शेयर बाजार में हाहाकार! ₹10 लाख करोड़ डूबे
Overview

Union Budget 2026 के ऐलान के साथ ही भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। सरकार द्वारा फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में की गई बढ़ोतरी के चलते निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है। यह नया नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा, जिसका मकसद सट्टेबाजी को रोकना और सरकारी खजाने को बढ़ाना है।

बजट के ऐलान के साथ शेयर बाजार में भूचाल

1 फरवरी, 2026 को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा यूनियन बजट 2026 पेश किए जाने के तुरंत बाद भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। BSE Sensex 1,800 अंकों से ज्यादा और Nifty 50 लगभग 600 अंक तक लुढ़क गए। इस ताबड़तोड़ बिकवाली में निवेशकों की ₹10 लाख करोड़ की संपत्ति एक ही सेशन में स्वाहा हो गई।

डेरिवेटिव्स पर 'सिन टैक्स' का नया दांव

सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग में सट्टेबाजी को कम करने और सरकारी खजाने को भरने के लिए STT दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। इसके तहत, फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की बिक्री पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, यानी 150% की भारी बढ़ोतरी। वहीं, ऑप्शंस (Options) के प्रीमियम की बिक्री पर टैक्स 0.1% से बढ़कर 0.15% और एक्सरसाइज पर 0.125% से बढ़कर 0.15% हो गया है। सरकार का मानना है कि डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भारत की GDP का लगभग 500 गुना वॉल्यूम (Volume) देखा जाता है, और यह कदम शुद्ध सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है, ठीक वैसे ही जैसे शराब या तंबाकू जैसी चीजों पर 'सिन टैक्स' लगाया जाता है।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स और लिक्विडिटी पर असर

मार्केट एक्सपर्ट्स और पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर एक्टिव ट्रेडर्स, हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्मों और रिटेल निवेशकों पर पड़ेगा, जो भारत के डेरिवेटिव्स मार्केट का लगभग 41% हिस्सा हैं। बढ़ी हुई ट्रांजेक्शन कॉस्ट (Transaction Cost) से उनके प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) पर दबाव आएगा और कामकाज की एफिशिएंसी (Efficiency) घटेगी। आशंका है कि इससे मार्केट की लिक्विडिटी (Liquidity) में कमी आ सकती है और शॉर्ट-टर्म मोमेंटम (Momentum) भी प्रभावित हो सकता है। ब्रोकरेज कंपनियों और स्टॉक एक्सचेंजों के टर्नओवर (Turnover) पर भी असर पड़ने की संभावना है। दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने डेरिवेटिव्स को 'जहर' करार देते हुए इस कदम की सराहना की है।

वैश्विक परिदृश्य और रेगुलेटरी माहौल

दुनिया भर में फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन टैक्स (FTT) लागू हैं, लेकिन इनके नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कई देशों में FTTs से ट्रेडिंग वॉल्यूम, लिक्विडिटी और मार्केट की अट्रैक्टिवनेस कम हुई है, और टैक्स कलेक्शन भी उम्मीद से कम रहा है। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह के कदम भारत की ग्लोबल कैपिटल अट्रैक्टिवनेस को कम कर सकते हैं। यह STT Hike SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) द्वारा इंडेक्स डेरिवेटिव्स पर उठाए गए अन्य कदमों के अनुरूप है, जहाँ रेगुलेटर सट्टेबाजी पर लगाम लगाने और निवेशकों की सुरक्षा के लिए नियम सख्त कर रहा है।

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