भू-राजनीतिक शांति से बाज़ार में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव में आई कमी के कारण भारतीय शेयर बाज़ारों में आज सुबह तेज़ी देखी गई। S&P BSE Sensex लगभग 2,541.76 पॉइंट चढ़कर 77,157.73 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं NSE Nifty 50 भी 746.20 पॉइंट की बढ़त के साथ 23,869.85 पर कारोबार कर रहा था। इस बीच, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $110 के ऊपर से लुढ़ककर $95 प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिसने महंगाई (Inflation) की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए तेल की कीमतों में यह नरमी एक बड़ा सकारात्मक संकेत है।
सेक्टरवार प्रदर्शन: एविएशन और इंफ्रा चमके, IT पिछड़ा
इस राहत भरी खबर का सबसे ज़्यादा फायदा एविएशन (Aviation) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) स्टॉक्स को मिला। InterGlobe Aviation के शेयर 9.41% उछले, जबकि Larsen & Toubro 7.12%, Adani Ports and Special Economic Zone 6.85%, Bajaj Finance 6.76% और Bajaj Finserv 6.32% की तेज़ी के साथ टॉप गेनर्स में शामिल रहे। Larsen & Toubro, जो एक प्रमुख इंफ्रा कंपनी है, 34.0x के P/E पर ट्रेड कर रहा है, वहीं Adani Ports का P/E लगभग 25.91x है।
दूसरी ओर, पॉजिटिव सेंटिमेंट (Sentiment) का असर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर पर नहीं दिखा। Tech Mahindra के शेयर 1.19% और Infosys के 0.13% गिरे। IT कंपनियों को रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) में सुस्ती, करेंसी के असर और वेतन वृद्धि में नरमी जैसी स्ट्रक्चरल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सेक्टरों के वैल्यूएशन और दबाव
एविएशन सेक्टर के लिए इंटरग्लोब एविएशन के शेयर भले ही चढ़े हों, लेकिन एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की ऊंची लागत, करेंसी में गिरावट और क्षमता की कमी जैसी समस्याओं के चलते इस सेक्टर का आउटलुक (Outlook) नेगेटिव बना हुआ है। फरवरी 2026 तक 13-15% फ्लीट (Fleet) ग्राउंडेड (Grounded) थी।
वित्तीय सेवा (Financial Services) कंपनियों जैसे Bajaj Finance और Bajaj Finserv ने भी बढ़त दर्ज की। Bajaj Finserv का P/E मल्टीपल (Multiple) लगभग 26.93x है, जो सेक्टर औसत से ज़्यादा है, और यह अपने 52-हफ़्ते के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है।
लगातार बने रहने वाले जोखिम
इस तेज़ी के बावजूद, बाज़ार में अभी भी कुछ जोखिम बने हुए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) का पैसा लगातार निकल रहा है; 5 अप्रैल 2026 को समाप्त हुए हफ़्ते में ₹23,801 करोड़ का आउटफ्लो देखा गया। मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ सकता है, जिससे तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ सकती है। IT सेक्टर की सुस्ती और एविएशन सेक्टर की अंदरूनी कमजोरियां भी चिंता का विषय हैं।
बाज़ार का दृष्टिकोण
अब बाज़ार की निगाहें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) फैसले पर टिकी हैं, जो आज ही घोषित होने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि बाज़ार की रिकवरी (Recovery) की टिकाऊपन मध्य पूर्व में तनाव में कमी, स्थिर तेल की कीमतें और FIIs के कम होते आउटफ्लो पर निर्भर करेगी।