भारतीय शेयर बाज़ार में मंदी, पर सेक्टर्स में दिखा ज़बरदस्त बटवारा! Tata Motors गिरी, ONGC चमका

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार में मंदी, पर सेक्टर्स में दिखा ज़बरदस्त बटवारा! Tata Motors गिरी, ONGC चमका
Overview

27 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाज़ार में बिकवाली हावी रही, जिससे Nifty 50 और BSE Sensex दोनों में गिरावट देखने को मिली। हालाँकि, बाज़ार की यह नरमी कई सेक्टर्स के बीच बड़े अंतर को छिपा रही थी। सरकारी नीतियों, ऑटो सेक्टर की दिक्कतों, IT कंपनियों के सौदों और ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों जैसे कई कारकों ने इस डिवर्जेंस (divergence) को हवा दी।

27 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाज़ारों में व्यापक बिकवाली देखी गई, जिससे Nifty 50 और BSE Sensex दोनों में शुरुआती कारोबार में 1.5% से अधिक की गिरावट आई। हालांकि, इस बाज़ार की नरमी के बावजूद, विभिन्न सेक्टर्स और कंपनियों के प्रदर्शन में ज़बरदस्त अंतर देखने को मिला। सरकारी नीतियों में बदलाव, ऑटो सेक्टर की ऑपरेशनल दिक्कतें, IT कंपनियों द्वारा किए गए सौदे और ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव इस विभाजन के मुख्य कारण बने।

ऑटो सेक्टर में Tata Motors पर दबाव

ऑटो सेक्टर में, Tata Motors के शेयर 5% तक गिर गए। इसकी मुख्य वजह Jaguar Land Rover (JLR) के सॉलिहल प्लांट में पुर्जों की सप्लाई की समस्या के कारण लगभग दो हफ्तों के लिए उत्पादन रुक जाना था। यह बंदोबस्त पहले से तय ईस्टर हॉलिडे शटडाउन के ऊपर था। Tata Motors के £18 बिलियन के EV प्लान पर भी इन ऑपरेशनल दिक्कतों का असर पड़ सकता है।

एनर्जी सेक्टर को सरकारी राहत

ऊर्जा क्षेत्र में, सरकार ने क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को राहत देने के लिए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर (₹3 तक) और डीज़ल पर ₹10 प्रति लीटर (शून्य तक) घटा दी। वैश्विक तनावों के बीच क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। इस कदम से ONGC के शेयर लगभग 3.24% चढ़ गए, जबकि BPCL, HPCL और IOCL के शेयर सपाट या थोड़े नीचे कारोबार कर रहे थे। सरकार ने घरेलू सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक्सपोर्ट टैक्स भी लगाए। सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती का अनुमानित वार्षिक भार ₹1.5-1.6 लाख करोड़ है। Brent क्रूड $103-107 प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रहा है।

Graphite Electrode कंपनियों की शानदार तेजी

Graphite electrode बनाने वाली कंपनियों HEG और Graphite India ने बाज़ार की नरमी के बावजूद शानदार तेजी दिखाई, जिनके शेयर क्रमशः लगभग 14% और 7% चढ़ गए। इसका श्रेय GrafTech International द्वारा इनपुट लागत बढ़ने और बाज़ार में पिछली कम कीमतों के कारण अपने graphite electrode की कीमतों में बढ़ोतरी को जाता है।

IT सेक्टर में Infosys के एक्विजिशन

वहीं, Infosys के शेयर 1.22% बढ़े, क्योंकि कंपनी ने दो महत्वपूर्ण एक्विजिशन (acquisitions) की घोषणा की: Optimum Healthcare IT को $465 मिलियन तक और Stratus Global LLC को $95 मिलियन तक। इन सौदों का मकसद हेल्थकेयर और इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाना है। इस साल Infosys ने कुल $560 मिलियन के सौदे किए हैं।

अन्य हलचलें

Seamec के शेयर में भी कुछ हलचल देखी गई, जो ONGC से ₹329.92 करोड़ के वेसल सर्विसेज (vessel services) के कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद बढ़ा, हालांकि बाद में कुछ प्रॉफिट-टेकिंग (profit-taking) ने तेजी को सीमित कर दिया। ऑटो सेक्टर में, Maruti Suzuki की अपनी गुजरात फैसिलिटी का विस्तार करने की योजना है, जिसमें ₹10,189 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

बाज़ार की चिंताएं और भविष्य

विश्लेषकों ने Tata Motors की JLR की ऑपरेशनल स्थिरता पर चिंता जताई है। OMC (Oil Marketing Companies) क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनी हुई हैं। HEG और Graphite India जैसी कंपनियों की मुनाफावसूली ग्लोबल कीमतों और स्टील की मांग पर निर्भर करेगी, जबकि Infosys के एक्विजिशन के सफल एकीकरण पर उनका भविष्य टिका है। कुल मिलाकर, 27 मार्च 2026 को निवेशकों ने सावधानी भरा रुख अपनाया, क्योंकि वे नीतिगत फैसलों और कंपनी-विशिष्ट समाचारों के साथ-साथ वैश्विक घटनाओं के जोखिमों का भी आकलन कर रहे थे।

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