RBI के सपोर्ट से ₹ में तूफानी तेजी, एशिया की सबसे मजबूत करेंसी बनी

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RBI के सपोर्ट से ₹ में तूफानी तेजी, एशिया की सबसे मजबूत करेंसी बनी
Overview

इस हफ्ते भारतीय रुपया (Indian Rupee) एशिया की सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनकर उभरा है। यह शानदार वापसी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के जोरदार दखल और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का नतीजा है।

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RBI की दमदार चाल

भारतीय रुपया इस हफ्ते एशिया की सबसे मजबूत करेंसी बनकर उभरा है। यह उन शुरुआती गिरावटों से उबरने में कामयाब रहा, जिसने इसे डॉलर के मुकाबले 97 के करीब पहुंचा दिया था। इस उलटफेर का श्रेय मुख्य रूप से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा स्पॉट और फॉरवर्ड मार्केट, दोनों में किए गए बड़े दखल को दिया जा रहा है।

शुक्रवार को रुपया 95.69 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले 96.20 के स्तर से एक मजबूत उछाल है। पिछले दो ट्रेडिंग दिनों में इसमें 0.53% शुक्रवार को और 1.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रेडर्स का अनुमान है कि RBI ने गुरुवार और शुक्रवार को $2 अरब से $3 अरब तक की बिकवाली की, जिससे रुपया 96 प्रति डॉलर के पार चला गया और शॉर्ट-टर्म सट्टेबाजों (speculators) को हतोत्साहित किया।

गिरते तेल दामों का भी मिला सहारा

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी रुपये को सहारा दिया। जियो-पॉलिटिकल तनाव कम होने के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent crude) इस हफ्ते $112 प्रति बैरल से गिरकर लगभग $104 प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों ने मार्केट के सेंटिमेंट को बेहतर बनाया, जिससे इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन (imported inflation) और तेल के लिए डॉलर की मांग का दबाव कम हुआ।

लंबी अवधि की चुनौतियां बरकरार

हालिया रिकवरी के बावजूद, रुपये के सामने लंबी अवधि की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। पिछले एक साल में यह 10.12% और इस साल अब तक 6.08% गिर चुका है। 15 मई को खत्म हुए हफ्ते में भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व (foreign exchange reserves) में $8 अरब की गिरावट आई, जो $688.9 अरब रह गया। यह गिरावट मुख्य रूप से सेंट्रल बैंक के दखल के प्रयासों के कारण हुई। कुल रिजर्व फरवरी 2026 के अपने उच्चतम स्तर से लगभग $39 अरब कम है।

विश्लेषकों का मानना है कि स्पॉट रुपये को 96.20 प्रति डॉलर पर रेजिस्टेंस (resistance) और 95.40 प्रति डॉलर पर सपोर्ट (support) मिल रहा है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.