भारतीय रुपया रिकॉर्ड लो पर! कच्चे तेल का 🔥Boom, डॉलर हुआ और महंगा | जानें वजह

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
भारतीय रुपया रिकॉर्ड लो पर! कच्चे तेल का 🔥Boom, डॉलर हुआ और महंगा | जानें वजह
Overview

भारतीय रुपया (Indian Rupee) ने अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले आज एक नया रिकॉर्ड निम्न स्तर छुआ है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के चलते रुपया **3%** लुढ़क कर **94.28** पर आ गया।

डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट

ईरान और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी के चलते भारतीय रुपया (Indian Rupee) आज अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 94.28 पर आ गया। यह गिरावट पिछले हफ्ते की छुट्टी से पहले 93 के स्तर पर बंद हुए रुपये से 3% से ज्यादा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों में यह चिंता घर कर गई है कि यह भू-राजनीतिक संघर्ष लंबा खिंच सकता है।

कच्चे तेल का बढ़ता बोझ भारत पर

कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) ईरान में संकट बढ़ने के बाद से लगातार $107 प्रति बैरल के स्तर को पार कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में, तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर देश के इंपोर्ट बिल (Import Bill) को बढ़ा रही हैं। इससे न सिर्फ चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) चौड़ा हो रहा है, बल्कि रुपये पर और दबाव बन रहा है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए मॉनेटरी पॉलिसी को संभालना मुश्किल हो रहा है।

RBI की भूमिका और भविष्य का अनुमान

ऐसे अनिश्चित माहौल में, बाजार की निगाहें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) पर टिकी हैं। यह उम्मीद की जा रही है कि RBI रुपये की इस तेज गिरावट को रोकने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करेगा। इतिहास गवाह है कि RBI ऐसे उतार-चढ़ाव के समय करेंसी को स्थिर करने के लिए कदम उठाता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व से शांति और तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो रुपये में ₹1 से ₹1.5 तक की रिकवरी संभव है। तब तक, रुपया अस्थिर रह सकता है और किसी भी छोटी-बड़ी खबर पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकता है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.