भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों के बीच, रुपया **43 पैसे** चढ़कर **96.14** के स्तर पर खुला।
Detailed Coverage
कच्चे तेल की कीमतों का असर
वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, जो पिछले सप्ताहांत 5% से अधिक गिरीं, ने भारतीय रुपये को बड़ी राहत दी है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव में कमी आने के कारण तेल पर बना जोखिम प्रीमियम (risk premium) कम हुआ है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से डॉलर की मांग घट जाती है, जिससे रुपये को मजबूती मिलती है।
डॉलर इंडेक्स में भी दिखी नरमी
रुपये को मजबूती मिलने में एक और अहम कारण रहा डॉलर इंडेक्स का नीचे आना। यह इंडेक्स छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है। कच्चे तेल में नरमी के साथ ही डॉलर इंडेक्स भी गिरकर 101.18 पर आ गया, जिसने रुपये की चाल को और बेहतर किया।
बाजार का रुख और आगे क्या?
स्थानीय बाजार में कारोबार की गति देखने लायक है। एक्सपोर्टर्स (निर्यातकों) ने संभव है कि वे अभी अपने डॉलर होल्डिंग्स को बेचने से बचें, ताकि वे भविष्य में बेहतर विनिमय दर का लाभ उठा सकें। वहीं, इम्पोर्टर्स (आयातकों) के लिए यह डॉलर में गिरावट का फायदा उठाने का अच्छा मौका है ताकि वे भविष्य के भुगतान को सुरक्षित कर सकें।
निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रुख पर भी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि केंद्रीय बैंक अक्सर मुद्रा बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए हस्तक्षेप करता है। एशियाई मुद्राओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई, जो बताती है कि वैश्विक निवेशक अभी भी सतर्क हैं। इंडोनेशियाई रुपिया और दक्षिण कोरियाई वोन पर दबाव देखा गया। आगे चलकर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के फैसले बाजार के लिए अहम होंगे, क्योंकि ब्याज दरों पर कोई भी संकेत डॉलर और रुपये दोनों की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
