रुपये में आई मजबूती
ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते Indian Rupee को आज थोड़ी राहत मिली है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट आई है, जो Indian Rupee के लिए बड़ा सहारा बनी है। पिछले हफ्ते $114 प्रति बैरल के स्तर को छूने वाला ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) अब $100 के करीब कारोबार कर रहा है।
शेयर बाजार और बॉन्ड यील्ड में भी तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का असर शेयर बाजारों पर भी दिखा। आज प्रमुख भारतीय शेयर सूचकांकों में 1% से 2% तक की तेजी देखी गई। इसके साथ ही, 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता आने से निवेशक अब जोखिमों का फिर से आकलन कर रहे हैं।
एनालिस्ट्स की चेतावनी: अनिश्चितता अभी बाकी
हालांकि, जानकारों का मानना है कि अभी वैश्विक अनिश्चितता (Global Uncertainty) पूरी तरह से टली नहीं है। LKP Securities के एनालिस्ट जितेन त्रिवेदी (Jateen Trivedi) के मुताबिक, "डी-एस्केलेशन (De-escalation) के कुछ सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद, वैश्विक अनिश्चितता बनी रहने के कारण रुपया दबाव में है." यह इशारा करता है कि तेल की कीमतें भले ही अल्पावधि (short-term) में सहारा दे रही हों, लेकिन व्यापक भू-राजनीतिक (geopolitical) और आर्थिक अस्थिरता अभी भी रुपये की स्थिरता के लिए खतरा बनी हुई है।