RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम: मई 2026 में भारत से बाहर भेजा गया $2.39 बिलियन

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AuthorNeha Patil|Published at:
RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम: मई 2026 में भारत से बाहर भेजा गया $2.39 बिलियन

RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत मई 2026 में भारत से बाहर भेजे गए पैसों में उछाल आया है। यह आंकड़ा अप्रैल के $2.286 बिलियन से बढ़कर $2.396 बिलियन हो गया है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह विदेश में इक्विटी और डेट में निवेश का **52%** बढ़ना और छुट्टियों पर होने वाले खर्च में तेजी है।

Detailed Coverage

विदेश में निवेश और यात्रा पर बढ़ा खर्च

भारतीय निवासियों ने मई 2026 के दौरान विदेशी संपत्ति (foreign asset) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और यात्रा खर्चों में भी बढ़ोतरी की। इसके चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत कुल विदेशी प्रेषण (remittance) $2.396 बिलियन तक पहुंच गया। यह आंकड़ा अप्रैल में दर्ज $2.286 बिलियन की तुलना में एक अच्छी रिकवरी दर्शाता है।

मई के आंकड़ों में सबसे खास बात पोर्टफोलियो निवेश (portfolio investments) में आई तेजी रही। विदेशी इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के लिए भेजा गया पैसा पिछले महीने के $238.63 मिलियन से बढ़कर $363.64 मिलियन हो गया, जो 52% से अधिक की बढ़ोतरी है। हालांकि, यह आंकड़ा मार्च के $440.22 मिलियन के स्तर से अभी भी कम है।

अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर होने वाला खर्च भी कुल प्रेषण का एक प्रमुख कारण बना रहा। खासकर छुट्टियों और मौज-मस्ती के लिए की गई यात्राओं पर, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड सेटलमेंट भी शामिल है, खर्च 21% बढ़कर $831.44 मिलियन हो गया। बिजनेस ट्रैवल को मिलाकर, यात्रा-संबंधी कुल खर्च महीने के लिए $1.28 बिलियन रहा, जो LRS का सबसे बड़ा हिस्सा बना हुआ है।

खर्च की बदलती प्राथमिकताएं

निवेश और मनोरंजन पर खर्च बढ़ने के बावजूद, प्रेषण की अन्य पारंपरिक श्रेणियों में गिरावट देखी गई। विदेश में शिक्षा, उपहार देने और करीबी रिश्तेदारों के भरण-पोषण पर होने वाला खर्च इस महीने कम हुआ। इसके अलावा, विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भेजा गया पैसा घटकर $35.76 मिलियन रह गया। वहीं, निवासियों द्वारा विदेशी बैंकों में जमा की गई राशि थोड़ी बढ़कर $118.12 मिलियन हो गई।

लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम को समझना

LRS के तहत, भारतीय निवासी प्रति फाइनेंशियल ईयर एक तय सीमा तक पैसा विदेश में विभिन्न अनुमत चालू (current) या पूंजी खाता (capital account) लेनदेन के लिए भेज सकते हैं। चूंकि इन पैसों के हस्तांतरण में भारतीय रुपये को विदेशी मुद्राओं में बदला जाता है, इसलिए बाजार विश्लेषक इसे व्यक्तिगत धन प्रबंधन और विवेकाधीन खर्च क्षमता के संकेतक के रूप में बारीकी से देखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.