बजट के दिन की निराशा को पीछे छोड़ते हुए, 2 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाज़ारों ने गज़ब की मजबूती दिखाई। लगातार खरीदारी के दम पर आई इस रिकवरी में ब्रॉड मार्केट इंडेक्स, जैसे Nifty Midcap और Smallcap भी 1% और 0.6% की बढ़त के साथ पॉजिटिव ज़ोन में शामिल हुए।
बजट के बाद की रिकवरी का विश्लेषण
Union Budget की घोषणा के बाद आई पिछली सत्र की गिरावट को भारतीय इक्विटी मार्केट ने 2 फरवरी 2026 को पूरी तरह से मिटा दिया। Sensex दिन के अंत तक 943.52 पॉइंट की बढ़त के साथ 81,666.46 पर बंद हुआ, और Nifty भी 262.95 पॉइंट की बढ़त लेकर 25,088.40 पर आ गया। यह सब तब हुआ जब बाज़ार की शुरुआत ग्लोबल संकेतों के बीच सीमित दायरे (range-bound trading) में हो रही थी। बाज़ार ने इनवेस्टर्स की चुनिंदा खरीदारी के दम पर वित्तीय नीति (fiscal policy) से जुड़ी ख़बरों को संभाला और ऊपर की ओर बढ़त बनाई। भले ही प्रमुख इंडेक्स में व्यापक रिकवरी देखी गई, लेकिन 350 से ज़्यादा स्टॉक्स के 52-हफ्ते के लो (52-week lows) पर पहुंचने ने यह साफ कर दिया कि कुछ खास बाज़ार सेगमेंट्स में चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
सेक्टर्स में दिखी अलग-अलग चाल
2 फरवरी को सेक्टोरल परफॉरमेंस (sectoral performance) में मिली-जुली तस्वीर दिखी। FMCG, मेटल, ऑयल एंड गैस, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे डिफेंसिव और साइक्लिकल सेक्टर्स में बजट प्रस्तावों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इनमें 1% से 2% तक का उछाल देखा गया। वहीं, दूसरी ओर, IT सेक्टर इस तेजी के विपरीत चला गया। Nifty IT इंडेक्स में 0.5% की मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह अंतर बताता है कि जहां बजट के इंफ्रास्ट्रक्चर और खपत (consumption) को सपोर्ट करने वाले उपायों का स्वागत हुआ, वहीं टेक सेक्टर को कुछ चुनौतियों या मुनाफावसूली (profit-taking) का सामना करना पड़ा हो सकता है।
स्टॉक्स पर बजट का असर और नतीजे
बजट 2026 की घोषणाओं और कंपनियों के तिमाही नतीजों (Q3 financial results) पर स्टॉक की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। E2E Networks और Anant Raj जैसी कंपनियों के शेयर्स में बजट में शामिल टैक्स हॉलिडे (tax holiday) प्रावधानों के चलते बड़ा उछाल आया। इसके विपरीत, Shriram Finance पर दबाव देखा गया और यह लगभग 3% तक गिर गया। ऐसा सरकार के रिकॉर्ड बॉरोइंग प्रोग्राम (record borrowing program) की घोषणा के बाद हुआ, जिससे आगे ब्याज दरों (interest rate) पर असर पड़ सकता है। अतुल ऑटो (Atul Auto) और सुंदराम फाइनेंस (Sundaram Finance) जैसी कंपनियों ने अपने मजबूत जनवरी सेल्स आंकड़ों और शानदार Q3 नतीजों के दम पर क्रमशः लगभग 8% का रिटर्न दिया। वहीं, भारत डायनामिक्स (Bharat Dynamics) में 4% की गिरावट आई, क्योंकि इसके ऑपरेशन पर सीधे कोई पॉलिसी कैटेलिस्ट (policy catalyst) का असर नहीं दिखा। इन मिली-जुली प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि बाज़ार वित्तीय नीति की घटनाओं के तुरंत बाद खास वित्तीय प्रोत्साहनों, बॉरोइंग प्लान्स और कंपनी के फंडामेंटल्स का कैसे आंकलन करता है।
एनालिस्ट्स की राय और टेक्निकल लेवल्स
पोस्ट-बजट उछाल के बाद बाज़ार के जानकारों (Analysts) की नज़रें टेक्निकल इंडिकेटर्स (technical indicators) और सेंटिमेंट पर टिकी हैं। LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे (Rupak De) ने इस उछाल को 'सामान्य मार्केट रिएक्शन' (normal market reaction) बताया, लेकिन चेतावनी दी कि ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है, खासकर इंडेक्स के 200-दिन मूविंग एवरेज (200-day moving average) के नीचे ट्रेड करने के कारण। उन्होंने Nifty के लिए 25,200 के स्तर को इमीडिएट रेजिस्टेंस (resistance) और 24,900 के आसपास सपोर्ट (support) बताया। Kotak Securities के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौखान (Shrikant Chouhan) ज़्यादा ऑप्टिमिस्टिक दिखे। उन्होंने दैनिक चार्ट्स पर एक प्रॉमिज़िंग पुलबैक रैली (pullback rally) और बुलिश कैंडल फॉर्मेशन (bullish candle formation) का ज़िक्र किया। उनका मानना है कि अगर Nifty के लिए 25,000/81,500 और 24,900/81,200 जैसे महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन (support zones) कायम रहते हैं, तो बाज़ार 25,250/82,200 की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, उन्होंने इन स्तरों के टूटने पर सेंटिमेंट में बदलाव की आशंका भी जताई। फरवरी 2026 की शुरुआत में, Nifty 50 और Sensex के लिए ब्रॉडर मार्केट P/E रेश्यो (P/E ratios) क्रमशः 25-26x और 27-28x के आसपास थे, जो मौजूदा अस्थिरता (volatility) के बीच एक मॉडरेटली वैल्यूड (moderately valued) मार्केट का संकेत देते हैं।