RBI पॉलिसी और एक्सपायरी का डबल अटैक! शेयर बाजार में ₹2.5 लाख करोड़ की भारी गिरावट

ECONOMY
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AuthorMehul Desai|Published at:
RBI पॉलिसी और एक्सपायरी का डबल अटैक! शेयर बाजार में ₹2.5 लाख करोड़ की भारी गिरावट
Overview

आज, 6 फरवरी 2026 को, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के फैसले और वीकली डेरिवेटिव्स (Derivatives) की एक्सपायरी का असर बाजार पर साफ दिखा, जिससे निवेशकों की **₹2.52 लाख करोड़** से ज़्यादा की वेल्थ (Wealth) डूब गई।

नीतिगत अनिश्चितता और एक्सपायरी का साया

आज यानी शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को शेयर बाजार में काफी उथल-पुथल मची रही, जिसका अंत गिरावट के साथ हुआ। दिनभर की ट्रेडिंग पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की दो-मासिक मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) की घोषणा को लेकर बनी अनिश्चितता और साप्ताहिक डेरिवेटिव्स (Derivatives) की एक्सपायरी का भारी दबाव रहा। इस मिली-जुली वजहों से बाजार में जोरदार बिकवाली हुई, जिसका सबसे बुरा असर मेटल (Metal) सेक्टर पर पड़ा, जहाँ इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट के चलते, बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 503.76 अंक यानी 0.60% गिरकर 83,313.93 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) इंडेक्स भी बिकवाली के दबाव में 133.20 अंक यानी 0.52% घटकर 25,642.80 पर बंद हुआ। इस सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट के कारण, बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) एक ही दिन में लगभग ₹2,52,338.59 करोड़ कम हो गया। यह पिछले दिन ₹4,69,16,207.26 करोड़ था, जो आज घटकर ₹4,66,63,868.67 करोड़ रह गया।

बाजार के कुछ हिस्सों, जैसे पीएसयू बैंक (PSU Bank) और हेल्थकेयर (Healthcare) सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह तेजी बाकी बाजार की मंदी को कम नहीं कर पाई। सेंसेक्स (Sensex) के 30 स्टॉक्स में से केवल चार ही हरे निशान में बंद हुए, जिनमें Trent, Tata Steel, SBI, और NTPC शामिल रहे। दूसरी ओर, Itel, Airtel, और BEL प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले स्टॉक्स में रहे।

आगे क्या?

बाजार की चाल अब काफी हद तक आरबीआई (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के रुख पर निर्भर करेगी। अगर आरबीआई (RBI) की तरफ से कोई सख़्त संकेत मिलते हैं, तो बाजार में और अस्थिरता (Volatility) देखी जा सकती है। इसके अलावा, मेटल (Metal) सेक्टर का प्रदर्शन भी एक अहम इंडिकेटर (Indicator) होगा। निवेशक इस हफ्ते के अंत में बाजार की स्थिरता या बिगड़ती सेंटीमेंट (Sentiment) पर कड़ी नज़र रखेंगे।

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