Indian Markets: FIIs की वापसी से आज तेजी के आसार, GIFT Nifty दे रहा संकेत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Markets: FIIs की वापसी से आज तेजी के आसार, GIFT Nifty दे रहा संकेत

भारतीय शेयर बाज़ारों में आज, 22 जून को, सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद है। GIFT Nifty के बढ़त में रहने से बाज़ार को सहारा मिला है। पिछली ट्रेडिंग में IT, ऑयल और रियलटी स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिली थी। अब निवेशक इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि क्या DIIs के 23-दिनों की लगातार खरीदारी का सिलसिला टूटने के बाद FIIs की ₹4,859 करोड़ की खरीदारी बाज़ार को संभाल पाएगी।

बाज़ार में तेज़ी की उम्मीद

22 जून को भारतीय शेयर बाज़ारों में आज तेज़ी के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty, जो लगभग 24,124 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, पिछली ट्रेडिंग में आई गिरावट के बाद संभावित बढ़त की ओर इशारा कर रहा है। 19 जून को बाज़ार में गिरावट देखी गई थी, जिसमें BSE Sensex 607 अंकों की गिरावट के साथ 76,802 पर और Nifty 50 154 अंकों की नरमी के साथ 24,013 पर बंद हुआ था। इस गिरावट ने लगातार पांच दिनों की तेज़ी पर ब्रेक लगा दिया था, जिसका मुख्य कारण कुछ खास सेक्टर्स में हुई बिकवाली थी।

FIIs की वापसी, DIIs की मुनाफावसूली

19 जून को निवेशकों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs), जो पिछले 23 ट्रेडिंग सेशन से लगातार खरीदारी कर रहे थे, उन्होंने मुनाफावसूली की और ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) बाज़ार में खरीदार के तौर पर वापस लौटे और ₹4,859 करोड़ का निवेश किया। निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि क्या यह विदेशी निवेश एक ट्रेंड बदलने का संकेत है या बाज़ार को पूरी तरह से उबरने के लिए दोनों तरह के संस्थागत खरीदारों के लगातार समर्थन की ज़रूरत होगी।

इन सेक्टर्स में दिखी कमजोरी

19 जून के पिछले ट्रेडिंग सेशन में तीन प्रमुख सेक्टर्स - इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), ऑयल एंड गैस, और रियल एस्टेट - में साफ कमजोरी देखने को मिली। इन सेगमेंट्स में हुई बिकवाली ही इंडेक्स में गिरावट का मुख्य कारण थी। निवेशक इन सेक्टर्स पर बारीकी से नज़र रखते हैं, क्योंकि IT स्टॉक्स वैश्विक मांग के रुझानों के प्रति संवेदनशील होते हैं, जबकि ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट की चाल कच्चे माल की कीमतों और ब्याज दरों से प्रभावित हो सकती है। क्या ये सेक्टर्स रिकवर कर पाएंगे या बिकवाली का दबाव जारी रहेगा, यह आज निफ्टी की दिशा तय करेगा।

ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की कीमतें

वैश्विक कारक बाज़ार की चाल में एक और जटिलता जोड़ रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव के कारण पिछले चार दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेज़ी देखी जा रही है। चूँकि भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है, कीमतों में लगातार वृद्धि तेल का उपयोग करने वाली कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है और मुद्रास्फीति की समग्र अपेक्षाओं को प्रभावित कर सकती है। हालांकि 19 जून को अमेरिकी बाज़ार छुट्टियों के कारण बंद थे, लेकिन अन्य एशियाई बाज़ारों में मिली-जुली लेकिन आम तौर पर तेज़ी की प्रवृत्ति देखी गई है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए

निवेशकों को FIIs की खरीदारी के इस रुझान के बने रहने पर ध्यान देना चाहिए। DIIs बाज़ार को चलाने में एक प्रमुख शक्ति रहे हैं, इसलिए उनकी बिकवाली की ओर झुकाव पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के साथ, आयात लागत और तेल-संबंधित उद्योगों के सेक्टर-विशिष्ट मार्जिन पर इसके प्रभाव पर विचार करना एक महत्वपूर्ण कारक होगा। अंत में, निफ्टी की शुरुआती बढ़त बनाए रखने और हाल के हफ्तों में स्थापित प्रमुख समर्थन स्तरों से ऊपर बने रहने की क्षमता यह निर्धारित करेगी कि यह एक अस्थायी ठहराव है या एक अधिक टिकाऊ सुधार।

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