वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार आज यानी गुरुवार को सपाट शुरुआत कर सकते हैं। निवेशक फिलहाल स्मॉल-कैप शेयरों पर नजरें टिकाए हुए हैं, लेकिन AI के संभावित खतरे के चलते IT सेक्टर को लेकर सतर्क हैं। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण बाजार बंद रहेंगे।
आज क्या रहा?
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में एक मंदी वाली, सपाट शुरुआत की उम्मीद है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वैश्विक बाजार मिले-जुले संकेत दे रहे हैं, जिससे निवेशक कंसॉलिडेशन फेज में बने हुए हैं। मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद होने वाले हैं, ऐसे में ट्रेडिंग एक्टिविटी सीमित रह सकती है। गिफ्ट निफ्टी, जो बाजार की दिशा का शुरुआती संकेत देता है, 24,100 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है, जो बेंचमार्क इंडेक्स के लिए एक शांत शुरुआत की ओर इशारा कर रहा है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस को समझें
डेरिवेटिव सेगमेंट से मिले मार्केट डेटा, जो फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग को ट्रैक करता है, यह बताता है कि इंडेक्स कहां टिक सकते हैं। पुट-कॉल रेशियो (PCR), जो मार्केट सेंटिमेंट को मापने का एक पैमाना है, वर्तमान में 1.18 पर है। 1 से ऊपर का रीडिंग ट्रेडर्स के बीच आम तौर पर सकारात्मक रुझान का संकेत देता है। ऑप्शन पोजीशन के विश्लेषण से पता चलता है कि 24,000 और 23,500 के स्ट्राइक प्राइस पर महत्वपूर्ण पुट ऑप्शंस रखे गए हैं, जो प्रमुख सपोर्ट लेवल हैं जहां बाजार में गिरावट आने पर खरीदार कदम उठा सकते हैं। इसके विपरीत, 24,500 और 25,000 के स्ट्राइक प्राइस पर बड़ी संख्या में कॉल ऑप्शंस हैं, जो बाजार के लिए तात्कालिक बाधाओं के रूप में कार्य करते हैं।
स्मॉल-कैप और IT का आउटलुक
मार्केट एनालिस्ट्स मौजूदा अवधि के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर प्रकाश डाल रहे हैं। बंधन एएमसी के CIO – इक्विटी, मनीष गुनवानी, बताते हैं कि लंबी अवधि में इक्विटी रिटर्न महंगाई से लगभग 6-6.5% ऊपर रहने की उम्मीद है, जो बताता है कि वर्तमान वैल्यूएशन उचित हैं। 3-5 साल के नजरिए वाले निवेशकों के लिए, स्मॉल-कैप सेगमेंट को ऐसे क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है जिसमें बदलाव को पकड़ने और अंडरवैल्यूड कंपनियों को खोजने की क्षमता है।
इसके विपरीत, भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाया जा रहा है। चिंताओं में AI-संचालित व्यवधान की संभावना और अंतरराष्ट्रीय IT प्रतिस्पर्धियों का कम वैल्यूएशन शामिल है, जो स्थानीय फर्मों के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल बना सकता है।
वोलैटिलिटी क्यों कम हो रही है?
इंडिया VIX, या वोलैटिलिटी इंडेक्स, में 4% की गिरावट आई है और यह 13.39 पर पहुंच गया है। इस गिरावट को अक्सर अनिश्चितता में कमी और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के बीच जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार के संकेत के रूप में देखा जाता है। कम वोलैटिलिटी के साथ, मार्केट सेटअप वर्तमान में व्यापक खरीदारी के बजाय स्टॉक-विशिष्ट दृष्टिकोण का पक्षधर है। रणनीतिकार सुझाव देते हैं कि निवेशक रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स, जिनमें बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल एस्टेट और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं, पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
शुक्रवार को बाजार बंद होने के साथ, प्रतिभागियों का मुख्य ध्यान सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम की निरंतरता और इंडेक्स स्थिरता पर रहेगा। निवेशक मौजूदा मार्केट फ्लोर की पुष्टि के लिए 24,000 के स्तर पर निरंतर समर्थन की भी तलाश करेंगे। वैश्विक सेंटिमेंट में कोई भी बदलाव या फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की गतिविधियों में अचानक बदलाव, लंबे वीकेंड के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू होने पर इंडेक्स को प्रभावित कर सकता है।
