Indian Markets Update: बैंकिंग और IT में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Markets Update: बैंकिंग और IT में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार हरे निशान में बंद हुए। बैंकिंग और IT सेक्टर में शानदार प्रदर्शन ने बाज़ार को सहारा दिया। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें **$85** प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जो घरेलू अर्थव्यवस्था और करेंसी के लिए एक बड़ा जोखिम है। निवेशक अब प्रमुख बैंकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के आने वाले नतीजों पर नज़रें गड़ाए हुए हैं।

सेक्टर परफॉर्मेंस और बाज़ार के मुख्य चालक

आईटी सेक्टर ने इस हफ्ते 4.2% की बढ़त दर्ज की, जिसे Infosys जैसी बड़ी कंपनियों की अच्छी कमाई रिपोर्टों का सहारा मिला। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई स्पेशल डिपॉजिट स्कीम को लेकर सकारात्मक माहौल के चलते बैंकिंग सेक्टर को फायदा हुआ। इस स्कीम का मकसद नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs) से लगभग $30 बिलियन फंड आकर्षित करना है, जिससे भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व को बढ़ावा मिलने और वित्तीय संस्थानों में लिक्विडिटी (liquidity) बढ़ने की उम्मीद है।

हालांकि, प्रमुख इंडेक्स में बढ़त के बावजूद, ब्रॉडर मार्केट (broader market) में सावधानी के संकेत दिखे। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स दोनों ने शुक्रवार को मामूली गिरावट दर्ज की। इससे संकेत मिलता है कि कई निवेशकों ने लार्ज-कैप इंडेक्स की तेजी का अनुसरण करने के बजाय स्मॉल-कैप स्टॉक्स में मुनाफावसूली (profit booking) को तरजीह दी। फार्मा, मेटल और रियल एस्टेट सेक्टरों को भी इस हफ्ते दबाव का सामना करना पड़ा।

कच्चे तेल और करेंसी पर भू-राजनीतिक असर

वैश्विक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच, ने ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों को $85 प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है। हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb strait) जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों के पास आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण बढ़ी हुई कीमतों से भारत को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि देश अपनी तेल ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।

बढ़ती तेल कीमतें आम तौर पर आयात बिल को बढ़ाती हैं और भारतीय रुपये पर दबाव डालती हैं। शुक्रवार को, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी हद तक स्थिर रहा, जो 96.00 से 96.55 की रेंज में कारोबार कर रहा था। सोने की कीमतों में कुछ हलचल देखी गई, जो $4,000 प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा था, हालांकि पूरे हफ्ते के मुकाबले यह कीमती धातु थोड़ी नीचे रही।

आगे क्या देखें

ट्रेडिंग सप्ताह के अंत के साथ, निवेशकों का ध्यान अब आने वाले अर्निंग सीजन (earnings season) की ओर जा रहा है। बाज़ार रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख कंपनियों के नतीजों का इंतजार कर रहा है। इन नतीजों से वित्तीय क्षेत्र की दिशा तय होने की उम्मीद है और यह भी पता चलेगा कि कंपनियां बढ़ी हुई ऊर्जा लागत और करेंसी में उतार-चढ़ाव की दोहरी चुनौतियों का सामना कैसे कर रही हैं। निवेशक इस बात पर गौर कर सकते हैं कि इन मैक्रो-लेवल प्रेशर के बीच कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) कितने मजबूत बने रहते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.