Indian Markets: बजट के झटके के बाद ज़बरदस्त वापसी! Sensex **943** अंक भागा, निवेशकों को मिली राहत

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Markets: बजट के झटके के बाद ज़बरदस्त वापसी! Sensex **943** अंक भागा, निवेशकों को मिली राहत
Overview

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क, BSE Sensex और NSE Nifty, ने सोमवार, 2 फरवरी 2026 को ज़बरदस्त वापसी की। बजट वाले दिन हुई तेज बिकवाली (Sell-off) को पाटते हुए Sensex **943** अंक चढ़कर **81,666** के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty50 **25,088** पर जा पहुंचा। इस रिकवरी से BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप **₹5 लाख करोड़** से ज़्यादा बढ़ा।

बजट के अगले ही दिन, यानी 2 फरवरी 2026 को, भारतीय शेयर बाज़ारों में एक बड़ी राहत भरी वापसी देखने को मिली। बजट पेश होने के दौरान सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) में प्रस्तावित बढ़ोतरी और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के कारण आई लगभग 2% की गिरावट के बाद, आज बाज़ार ने दमदार रिकवरी की।

इस ज़बरदस्त तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं। सबसे पहले, बार्गेन हंटिंग (Bargain Hunting) का जोर रहा, जहां निवेशकों ने भारी गिरावट के बाद सस्ते दामों पर शेयर्स खरीदे। दूसरा, अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने बाज़ार का मूड बेहतर किया। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को सीधा फायदा होता है, क्योंकि इससे इंपोर्ट कॉस्ट और महंगाई दोनों कम होती है।

इन सब के बीच, सरकार की पॉलिसी कंटिन्यूटी (Policy Continuity) यानी नीतियों में निरंतरता के प्रति उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि बजट में फिस्कल प्रूडेंस (Fiscal Prudence) यानी राजकोषीय विवेक पर ज़ोर देना, निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो मध्यम से लंबी अवधि के लिए आर्थिक विकास की तस्वीर को मजबूत करता है।

हालांकि, यह रिकवरी मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों (Large-cap stocks) में देखने को मिली। स्मॉल-कैप और मिड-कैप सेगमेंट में कमजोरी बनी रही। BSE मिडकैप इंडेक्स 1.56% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.2% तक गिर गए। कुल मिलाकर, बाज़ार में 2,209 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 2,046 शेयर ही बढ़त में रहे, जो बाज़ार की चौड़ाई (Market Breadth) में कमजोरी को दर्शाता है।

सेक्टरों की परफॉरमेंस की बात करें तो ऑटो (Auto) इंडेक्स 2.13% की मजबूती के साथ टॉप गेनर रहा। इसके बाद ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) 2.04% और मेटल (Metal) 1.88% सेक्टरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, IT और हेल्थकेयर (Healthcare) जैसे सेक्टरों पर दबाव बना रहा।

जानकारों का यह भी कहना है कि STT बढ़ोतरी और बाज़ार के उधार लेने की योजनाओं से आई शुरुआती अस्थिरता के बावजूद, सरकार की नीतियों में निरंतरता महत्वपूर्ण है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर ने इस पर जोर दिया। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने Q3 के मिले-जुले नतीजों और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए नज़दीकी अवधि में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बोंजांज़ा के अभिनव तिवारी के अनुसार, रुपये की मजबूती, बढ़ते फॉरेक्स रिजर्व और RBI की लिक्विडिटी मैनेजमेंट के साथ-साथ कच्चे तेल की नरम कीमतों ने महंगाई की चिंता को कम किया है, जो बाज़ार के लिए सपोर्टिव है। वहीं, एनरिच मनी के पोंमुडी आर का मानना है कि बड़ी कंपनियों में वैल्यू बाइंग (Value Buying) ने स्थिरता दी है, लेकिन ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट बढ़ने से कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयर्स पर दबाव बना हुआ है।

कुछ बड़े शेयरों की बात करें तो सरकारी कंपनी पावर ग्रिड 7.55% चढ़कर ₹270 पर पहुंचा। अडानी पोर्ट्स 4.61% और रक्षा कंपनी BEL 3.75% की तेजी देखी गई। हैवीवेट Reliance Industries भी 3.05% मजबूत हुआ।

दूसरी ओर, IT दिग्गजों जैसे Infosys, TCS और Tech Mahindra में बिकवाली जारी रही। कंज्यूमर डिक्रेशनरी शेयरों में Titan और Trent जैसे स्टॉक्स भी गिरावट में रहे, जो शायद खर्च करने की क्षमता को लेकर अनिश्चितता को दर्शाते हैं।

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