आज, 26 जून 2026 को मुहर्रम के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। ट्रेडिंग सोमवार, 29 जून को फिर से शुरू होगी। निवेशक आने वाले हफ्ते में Aastha Spintex और Knack Packaging के दो बड़े IPO लॉन्च होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछली बार निफ्टी 24,056 के करीब बंद हुआ था, जिसके बाद बाजार की नजर ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा और आने वाली Q1 अर्निंग्स पर है।
मुहर्रम पर बाज़ार बंद
मुहर्रम के अवकाश के चलते आज, शुक्रवार 26 जून 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सहित भारतीय शेयर बाज़ार बंद हैं। इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। नियमित ट्रेडिंग सोमवार, 29 जून 2026 को फिर से शुरू होगी।
IPO कैलेंडर: Aastha Spintex और Knack Packaging
आने वाला हफ्ता प्राइमरी मार्केट के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि दो कंपनियां अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स (IPOs) लॉन्च करने की तैयारी में हैं।
Aastha Spintex: यह टेक्सटाइल कंपनी 29 जून 2026 को अपना IPO खोलेगी। इस इश्यू का लक्ष्य ₹170 करोड़ जुटाना है, और प्राइस बैंड ₹126 से ₹136 प्रति शेयर के बीच तय किया गया है। जुटाई गई राशि का इस्तेमाल क्षमता विस्तार और Falcon Yarns के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा।
Knack Packaging: यह पैकेजिंग निर्माता कंपनी 1 जुलाई 2026 को अपना IPO लॉन्च करेगी। इस इश्यू के जरिए कंपनी करीब ₹439 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, और प्राइस बैंड ₹161 से ₹170 प्रति शेयर पर तय किया गया है। कंपनी इस पैसे का उपयोग अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने और विस्तार के लिए करना चाहती है।
निवेशक आम तौर पर इन प्राइमरी मार्केट इश्यूज़ पर नजर रखते हैं, लेकिन किसी भी निवेश से पहले जोखिमों, वित्तीय स्वास्थ्य और वैल्यूएशन के बारे में जानने के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) की समीक्षा करना महत्वपूर्ण है।
बाज़ार का प्रदर्शन और ग्लोबल संकेत
छुट्टी से पहले, 25 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए थे। निफ्टी 50 इंडेक्स 0.14% बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.14% बढ़कर 77,100 पर रहा। सत्र के दौरान, निफ्टी ने इंट्राडे में 24,261 का उच्च स्तर छुआ था, लेकिन रेजिस्टेंस स्तरों के पास कुछ प्रॉफिट-बुकिंग देखी गई।
सेक्टर-वार, ऑटो स्टॉक्स में खरीदारी देखने को मिली, जबकि मेटल्स पर बिकवाली का दबाव रहा। बाज़ार अभी भी सतर्क हैं और ग्लोबल संकेतों पर नजर रख रहे हैं, खासकर अमेरिकी आर्थिक डेटा जैसे पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE), जो फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की उम्मीदों को प्रभावित करता है। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता भी घरेलू निवेशक सेंटिमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।
निवेशक आगे क्या देखें?
आज बाज़ार बंद होने के कारण, निवेशकों का ध्यान आने वाली Q1 अर्निंग्स सीजन पर केंद्रित हो गया है। इन नतीजों के दौरान मैनेजमेंट की कमेंट्री, प्रॉफिट मार्जिन, डिमांड विजिबिलिटी और ऑर्डर पाइपलाइन कॉर्पोरेट इंडिया के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
इसके अतिरिक्त, निवेशक भारत के औद्योगिक उत्पादन और जून परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) डेटा पर भी नजर रख सकते हैं। ये इंडिकेटर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग परिदृश्य की एक स्पष्ट तस्वीर देंगे।
