बाज़ार में गिरावट की आशंका: मुख्य वजहें
2 अप्रैल को भारतीय शेयर बाज़ार (BSE Sensex और Nifty 50) की शुरुआत कमजोर रहने की आशंका है। इसका मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा की गई ₹8,331 करोड़ की भारी बिकवाली और ग्लोबल बाज़ारों से मिले मिले-जुले संकेत हैं। नए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत में ही FIIs की इस बिकवाली ने बाज़ार पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, देसी संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹7,000 करोड़ से अधिक का निवेश करके इस गिरावट को कुछ हद तक थामने की कोशिश की है।
ग्लोबल बाज़ारों का हाल
बीते दिन अमेरिकी बाज़ारों में जहां तेजी देखने को मिली, वहीं एशियाई बाज़ारों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में, Alphabet जैसी बड़ी कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन और मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीदों के चलते S&P 500 0.72%, Nasdaq 1.16% और Dow Jones 0.48% की बढ़ोतरी के साथ बंद हुए। इसके विपरीत, एशियाई शेयर बाज़ारों में गिरावट आई, जिसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित 'कड़े प्रहार' वाले बयान से बढ़ा तनाव है। इस बयान ने मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता को बढ़ाया है।
फंड फ्लो और अन्य संकेत
बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल (Oil) की कीमतों में तेजी आई, जबकि सोने (Gold) की कीमतों में नरमी देखी गई। डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले गिरा, और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स (US Treasury yields) में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। GIFT Nifty भी फिलहाल लगभग 22,426 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो घरेलू बाज़ार में कमजोरी का संकेत दे रहा है। इन सब बातों को देखते हुए, आज शुरुआती कारोबार में भारतीय बाज़ारों पर दबाव बने रहने की उम्मीद है।