भारत की अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में यह 7.4% की दर से बढ़ेगी। इसी को देखते हुए, भारत सरकार ने वर्ल्ड बैंक ग्रुप के साथ अगले 5 सालों के लिए एक नई 'कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क' (CPF) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस डील का लक्ष्य भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने के 'विकसित भारत' (Viksit Bharat) विजन को मजबूत करना है।
पार्टनरशिप का मुख्य मकसद: विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस नई पार्टनरशिप की सबसे खास बात यह है कि अगले 5 सालों में वर्ल्ड बैंक ग्रुप भारत को हर साल 8 से 10 अरब डॉलर (लगभग ₹67,000 करोड़ से ₹83,000 करोड़) तक की फंडिंग देगा। यह बड़ी रकम मुख्य रूप से प्राइवेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार पैदा करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि हर साल करीब 12 मिलियन (1.2 करोड़) युवा भारत की वर्कफोर्स में शामिल होते हैं।
वर्ल्ड बैंक ग्रुप के प्रेसिडेंट अजय बंगा (Ajay Banga) ने कहा कि भारत ग्लोबल इकोनॉमी का एक अहम हिस्सा है और यह पार्टनरशिप भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगी। यह फंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, एग्रीबिजनेस, हेल्थकेयर, टूरिज्म और मैन्युफैक्चरिंग जैसे उन सेक्टर्स पर फोकस करेगी जहां रोजगार की सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं।
स्ट्रैटेजी और ऐतिहासिक संदर्भ
वर्ल्ड बैंक ग्रुप की ग्लोबल जॉब्स स्ट्रैटेजी (Global Jobs Strategy) के तहत, इस पार्टनरशिप में तीन मुख्य बातें शामिल हैं: जरूरी फिजिकल और ह्यूमन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, बिजनेस के लिए एक भरोसेमंद और आसान रेगुलेटरी एनवायरनमेंट (Regulatory Environment) तैयार करना, और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट (Private Investment) को बढ़ाने के लिए रिस्क-मैनेजमेंट टूल्स (Risk-management Tools) का इस्तेमाल। वर्ल्ड बैंक और भारत का रिश्ता काफी पुराना है, जो 1944 से चला आ रहा है। भारत वर्ल्ड बैंक के सबसे बड़े क्लाइंट्स में से एक रहा है।
'विकसित भारत' का सपना: 2047 तक लक्ष्य
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इस बात पर जोर दिया कि यह नया CPF, भारत के 'विकसित भारत' विजन के साथ पूरी तरह मेल खाता है। यह पार्टनरशिप सिर्फ पैसों की मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नॉलेज शेयरिंग (Knowledge Sharing) और टेक्निकल एक्सपर्टाइज (Technical Expertise) का भी आदान-प्रदान होगा। वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट बंगा का मानना है कि रोजगार पैदा करना ही डेवलपमेंट (Development) का सबसे मजबूत जरिया है, और इसी पर फोकस रहेगा। इस पूरी डील का लक्ष्य भारत को 2047 तक एक अपर-मिडिल इनकम इकोनॉमी (Upper-middle income economy) बनाना और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करना है, जिसमें आर्थिक समृद्धि, सामाजिक समानता और पर्यावरण की सुरक्षा शामिल है।