कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत?
सूत्रों के मुताबिक, भारत का फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठा सकता है। सरकार इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि जो बिज़नेस (Business) ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) में गड़बड़ी और बढ़ती लागतों से जूझ रहे हैं, उन्हें 3 से 6 महीने के लिए लोन की किश्तें चुकाने से अस्थायी राहत दी जाए। इस प्रस्ताव का मुख्य मकसद माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और एक्सपोर्टर्स (Exporters) को मुश्किल वक्त में सहारा देना है।
वैश्विक दबावों का असर
यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब दुनिया भर के बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल है। खासकर ईरान में चल रहे संघर्ष ने एनर्जी (Energy) की कीमतों और सप्लाई चेन (Supply Chain) की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे औद्योगिक लागतें आसमान छू रही हैं। कई बिज़नेस एसोसिएशन (Business Associations) ने पहले ही सरकार से ऐसे मोरेटोरियम की मांग की है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता के बीच उनके कैश फ्लो (Cash Flow) पर भारी दबाव आ गया है। सरकार वैश्विक ऊर्जा संकट (Energy Crisis) का घरेलू उत्पादन और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का भी आकलन कर रही है।
आगे क्या?
हालांकि इस पर अभी और चर्चा होनी बाकी है, पर यह कदम दर्शाता है कि सरकार अर्थव्यवस्था के कमजोर हिस्सों को बचाने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। इस फैसले के नतीजों पर बाज़ार की नज़र रहेगी, क्योंकि इसका असर लेंडिंग (Lending) और बिज़नेस कॉन्फिडेंस (Business Confidence) पर पड़ सकता है। फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) अपनी समीक्षा पूरी करने के बाद जल्द ही इस बारे में और जानकारी जारी कर सकती है।