भारत के कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स में बड़ा बदलाव: अब लौह अयस्क भी शामिल, बेस ईयर 2022-23

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारत के कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स में बड़ा बदलाव: अब लौह अयस्क भी शामिल, बेस ईयर 2022-23

भारतीय सरकार 20 जुलाई को कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (Index of Core Industries) का एक नया और अपडेटेड वर्जन जारी करने जा रही है। इस बार इंडेक्स का बेस ईयर बदलकर 2022-23 कर दिया गया है और लौह अयस्क (Iron Ore) को नौवें सेक्टर के तौर पर शामिल किया गया है।

कोर सेक्टर बास्केट में लौह अयस्क की एंट्री

इस बड़े बदलाव का एक अहम हिस्सा लौह अयस्क का इंडेक्स में नौवां सेक्टर बनना है। स्टील प्रोडक्शन के लिए एक मूलभूत कच्चा माल होने और माइनिंग सेक्टर में महत्वपूर्ण योगदान देने के नाते, लौह अयस्क को शामिल करने से इंडस्ट्रियल मांग की सटीक तस्वीर मिलने की उम्मीद है। हेवी इंडस्ट्रीज और माइनिंग स्टॉक्स पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए यह कदम कमोडिटी प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन के रुझानों पर नज़र रखने में मददगार हो सकता है।

मेथोडोलॉजी में बदलाव और प्रभाव

इस संशोधन में 2022-23 के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (Index of Industrial Production) के डेटा का उपयोग करके बास्केट के सभी सेक्टर्स के वेटेज (weightages) को फिर से कैलिब्रेट किया जाएगा। इंडेक्स की मेथोडोलॉजी को लेटेस्ट प्रोडक्शन डेटा के साथ अलाइन करके, सरकार विभिन्न आर्थिक संकेतकों के बीच के गैप को कम करना चाहती है। एक और खास तकनीकी बदलाव कोल सेक्टर से जुड़ा है, जिसमें कोल मिडलिंग्स (coal middlings) और वॉश्ड कोल (washed coal) को बाहर रखा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि ये डिराइव्ड प्रोडक्ट्स हैं, और केवल कच्चे कोयले के आउटपुट पर ध्यान केंद्रित करने से भविष्य की रिपोर्ट्स में डबल काउंटिंग को रोकने में मदद मिलेगी।

आर्थिक ट्रैकिंग के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स ऐतिहासिक रूप से अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख लीडिंग इंडिकेटर रहा है, जो अक्सर ब्रॉडर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स से पहले जारी किया जाता है। चूंकि यह इलेक्ट्रिसिटी, स्टील, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स और अब लौह अयस्क जैसे सेक्टर्स के प्रदर्शन को दर्शाता है, यह एनालिस्ट्स को इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की गति को समझने में मदद करता है। मार्केट के लिए, यह कदम जीडीपी (GDP) और होलसेल प्राइस इंडेक्स (Wholesale Price Index) जैसे अन्य राष्ट्रीय बेंचमार्क में हाल के अपडेट के साथ संरेखित होता है। निवेशक और एनालिस्ट संभवतः 20 जुलाई की पहली रिपोर्ट पर गौर करेंगे कि नए वेटेज पिछले वर्षों की तुलना में इन मूलभूत सेक्टर्स के अनुमानित ग्रोथ ट्रेंड्स को कैसे बदलते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.