नए नियम, नई उम्मीदें
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 10 मार्च 2026 को अकाउंटिंग स्टैंडर्ड 22 (AS 22) के नियमों में संशोधन जारी किया है। इस बदलाव के बाद भारत के अकाउंटिंग नियम, आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) द्वारा तय किए गए वैश्विक मानकों के और करीब आ जाएंगे।
मुनाफा शिफ्टिंग पर लगेगी रोक
इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) को टैक्स की दरों के आधार पर देशों को चुनने से रोकना है। अकाउंटिंग और टैक्स नियमों को और अधिक समान बनाकर, भारत यह सीमित करना चाहता है कि कंपनियां मुनाफा कैसे कम टैक्स वाले क्षेत्रों में ले जाती हैं, जिससे वे घरेलू स्तर पर कम टैक्स चुका पाती हैं। यह कदम वैश्विक स्तर पर व्यापार पर उचित टैक्स लगाने के व्यापक प्रयासों का समर्थन करता है।
अभी भी चुनौतियां बरकरार
चार्टर्ड अकाउंटेंट एस. मुरलीधरन का कहना है कि अगर दुनिया भर में अकाउंटिंग और टैक्स के नियम एक समान होते, तो MNCs की टैक्स से बचने की क्षमता काफी कम हो जाती। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि यह आदर्श स्थिति अभी भी काफी दूर है। भारत द्वारा AS 22 में किया गया यह अपडेट एक सकारात्मक कदम है, लेकिन वैश्विक टैक्स सहयोग और लगातार नियमों का पालन करवाना अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं, जिसका मतलब है कि एक समान प्रतिस्पर्धा का मैदान अभी दूर का लक्ष्य है।