टैरिफ में बड़ी कटौती: 'मेड इन इंडिया' को बूस्ट
अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 25% तक लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह 'मेड इन इंडिया' एक्सपोर्ट प्रमोशन प्रोग्राम के लिए एक बड़ी राहत है। यह डील दोनों देशों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत का नतीजा है।
भारत की ओर से क्या है प्रतिबद्धता?
जवाबी कार्रवाई के तौर पर, भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने व्यापारिक बैरियर (Trade Barriers) को कम करने का वादा किया है। भारत ने भविष्य में अमेरिकी सामानों के लिए टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य तक लाने की बात कही है। साथ ही, भारत अमेरिका से $500 बिलियन से ज़्यादा के इम्पोर्ट्स (Imports) बढ़ाने पर भी सहमत हुआ है, खासकर ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और कृषि जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में।
आर्थिक सहयोग और नए अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के नागरिकों को फायदा होगा और आपसी सहयोग के लिए नए रास्ते खुलेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह दोस्ती का प्रतीक है, जो वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देगा। यह कदम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच व्यापारिक माहौल को और बेहतर बनाने का संकेत देता है।