India-US Trade Deal: शेयर बाज़ार में तूफ़ानी तेज़ी! निवेशकों की दौलत ₹24 लाख करोड़ बढ़ी

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India-US Trade Deal: शेयर बाज़ार में तूफ़ानी तेज़ी! निवेशकों की दौलत ₹24 लाख करोड़ बढ़ी
Overview

भारतीय शेयर बाज़ार में पिछले दो दिनों में ज़बरदस्त उछाल आया है, जिससे निवेशकों की दौलत करीब **₹24 लाख करोड़** बढ़ गई है। इस बंपर तेज़ी की मुख्य वजह भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील (Trade Deal) से टैरिफ (Tariff) में आई कमी है, जिसने बेंचमार्क इंडेक्स (Benchmark Indices) Sensex और Nifty को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

ट्रेड डील का असर: बाज़ार में रिकॉर्डतोड़ तेज़ी

भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील (Trade Deal) ने भारतीय शेयर बाज़ार में मानो आग लगा दी है। इस ऐतिहासिक समझौते के चलते पिछले दो सत्रों में बाज़ार में ₹24 लाख करोड़ की भारी दौलत जुड़ी है। अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए टैरिफ (Tariff) को 50% से घटाकर 18% कर दिया जाना, निवेशकों के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित हुआ। इस डील ने बजट वाले दिन की घबराहट को पूरी तरह से दूर कर दिया। मंगलवार के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) सिर्फ एक घंटे में ही करीब ₹19 लाख करोड़ बढ़ गया, जो सोमवार के ₹5 लाख करोड़ के इजाफे पर एक और बड़ी बढ़त थी। इस तरह, कुल मार्केट कैप रविवार के ₹450 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग ₹474 लाख करोड़ हो गया। पिछले दो दिनों में सेंसेक्स (Sensex) 5,150 अंक चढ़ा है, जबकि निफ्टी50 (Nifty50) ने 1,483 अंक की छलांग लगाई है। मंगलवार को सेंसेक्स 3,656 अंक यानी 4.47% बढ़कर 85,323.20 पर खुला, वहीं निफ्टी50 1,220 अंक उछलकर 26,300 के पार निकल गया। मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) इंडेक्स में भी करीब 4% की तेज़ी देखी गई, जो बाज़ार में व्यापक भागीदारी का संकेत है।

सेक्टरों में जोरदार उछाल और टॉप परफॉर्मर्स

इस ट्रेड डील के ऐलान के बाद सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी, इस तेज़ी में सबसे आगे रही और पिछले दो सत्रों में 7% से ज़्यादा का उछाल दर्ज करते हुए इसका मार्केट कैप करीब ₹19.65 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा, सन फार्मा (Sun Pharma) 7.38%, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (Power Grid Corporation) 5.64%, और बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv) 5.71% के साथ शानदार प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में शामिल रहे। लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) में 4.24%, कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) में 3.38%, एसबीआई (SBI) में 3.11%, आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) में 3.20%, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में 2.72%, और एक्सिस बैंक (Axis Bank) में 2.69% की बढ़त देखी गई। आईटी (IT) और कंज्यूमर (Consumer) सेक्टर में भी अच्छी रिकवरी दिखी, जिसमें टाइटन (Titan) 3.24%, इंफोसिस (Infosys) 2.62%, और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) 2.02% चढ़े। वहीं, टाटा स्टील (Tata Steel) 2.39% और एनटीपीसी (NTPC) 1.61% जैसे मेटल और एनर्जी शेयरों में भी तेजी रही।

एक्सपर्ट्स की राय और बाज़ार का नज़रिया

बाज़ार के जानकारों का मानना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारतीय अर्थव्यवस्था और इक्विटी बाज़ारों के लिए एक अहम पड़ाव है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स (Geojit Investments) के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार (VK Vijayakumar) के मुताबिक, इस समझौते में हो रही देरी बाज़ार की सुस्ती का एक मुख्य कारण थी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका डील, यूरोपीय संघ-भारत (EU-India) ट्रेड एग्रीमेंट पर चल रही बातचीत और ग्रोथ-ओरिएंटेड यूनियन बजट 2026 का संगम आर्थिक सेंटीमेंट (Economic Sentiment) को मज़बूत करेगा और निवेश गतिविधियों को बढ़ावा देगा। विजयकुमार को उम्मीद है कि बाज़ार में बड़ी संख्या में शॉर्ट पोजीशंस (Short Positions) को कवर करने की वजह से यह तेज़ी और बढ़ेगी। उनका मानना है कि यह रैली व्यापक हो सकती है, लेकिन फेयरली वैल्यूड लार्ज-कैप शेयरों (Large-cap Stocks) में एफआईआई (FIIs) के संभावित इनफ्लो (Inflows) से और भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। यह सकारात्मक नज़रिया पिछले रविवार के बजट सत्र के ठीक विपरीत है, जब सिक्योरिटीज ट्रांज़ेक्शन टैक्स (STT) में संभावित बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण बाज़ार कैपिटलाइज़ेशन में करीब ₹10 लाख करोड़ का नुकसान हुआ था। मौजूदा वैल्यूएशन, जिसमें निफ्टी लगभग 27 के पी/ई (P/E) पर और सेंसेक्स 26 के पी/ई पर ट्रेड कर रहा है, ग्रोथ की उम्मीदों को देखते हुए आगे और बढ़ने की गुंजाइश दिखाता है।

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