भारत का बड़ा कदम: $189 बिलियन की इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन की तैयारी!

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारत का बड़ा कदम: $189 बिलियन की इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन की तैयारी!

भारत सरकार ने देश की इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत **1,272** ऐसे प्रोडक्ट्स की पहचान की गई है, जिनका सालाना इम्पोर्ट **$189 बिलियन** है। इस कदम से केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी जैसे सेक्टर्स में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

राज्यों पर बड़ी जिम्मेदारी, बनेंगे नए इंडस्ट्रियल क्लस्टर

इस नई पॉलिसी में राज्यों को अहम भूमिका दी गई है। अब राज्य सरकारें ही ज़मीन अधिग्रहण, ज़रूरी अप्रूवल और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने के लिए इंवेस्टमेंट इंसेंटिव्स देने का काम देखेंगी। सरकार ने सुझाव दिया है कि राज्य सेक्टर-स्पेशफिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाएं, ताकि नए प्रोडक्शन यूनिट्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो सके। इस अप्रोच से डोमेस्टिक और फॉरेन इंवेस्टर्स के लिए फैक्ट्री लगाना आसान हो जाएगा, क्योंकि अप्रूवल का समय कम लगेगा।

क्या सभी इम्पोर्ट होंगे रिप्लेस?

यह समझना ज़रूरी है कि अभी भारत के टोटल इम्पोर्ट बास्केट का सिर्फ 26% ही डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग से रिप्लेस किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि करीब 46% इम्पोर्ट क्रूड ऑयल और सोने जैसी ज़रूरी चीज़ों का है, जिनका प्रोडक्शन भारत में संभव नहीं है। वहीं, 28% ऐसे प्रोडक्ट्स हैं जो भारत में पहले से बन रहे हैं, लेकिन क्वालिटी या प्राइस के कारण इम्पोर्ट किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन इम्पोर्ट्स को कम करने के लिए लोकल कंपनियों को अपनी क्वालिटी और कॉस्ट को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

आर्थिक चुनौतियां और ट्रेड डेफिसिट

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत का इम्पोर्ट बिल लगातार बढ़ रहा है और ट्रेड डेफिसिट चौड़ा हो रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 के अप्रैल-जून तिमाही में मर्चेंडाइज इम्पोर्ट $216.18 बिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। इसके चलते $86.86 बिलियन का ट्रेड डेफिसिट हुआ और रुपये पर भी दबाव बढ़ा है। निवेशकों के लिए, इस इनिशिएटिव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार कंपनियों को रॉ मटेरियल की उपलब्धता, स्किल्ड लेबर और सप्लाई चेन जैसी दिक्कतों को दूर करने में कितनी मदद कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.