ग्लोबल टेक की सुनामी ने IT सेक्टर को हिलाया
भारत का टेक्नोलॉजी सेक्टर इस वक्त बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहा है, जो ग्लोबल गिरावट का ही असर है। एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 17.31% टूट गए, क्योंकि कंपनी ने Q1 2026 के लिए अपना रेवेन्यू अनुमान लगभग $9.8 बिलियन बताया, जो उम्मीद से कम था। इसकी मुख्य वजह Nvidia से कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इस ग्लोबल टेक बिकवाली का सीधा असर भारत के Nifty IT इंडेक्स पर पड़ा, जो बुधवार को 6% लुढ़क गया। यह पिछले 6 सालों में इसकी सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट है।
ट्रेड डील से 'पुरानी इकोनॉमी' को सहारा, IT सेक्टर में मायूसी
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क, Nifty 50 और Sensex, मजबूती दिखा रहे हैं। Gift Nifty फ्यूचर्स गुरुवार को ऊंची ओपनिंग का संकेत दे रहे हैं। Nifty 50 25,776.00 पर बंद हुआ, जिसका P/E रेश्यो 22.4 है। Sensex 83,817.69 पर पहुंचा, जिसका P/E 23.0 है। इस स्थिरता की एक वजह अमेरिका के साथ ट्रेड एग्रीमेंट से बढ़ा निवेशक सेंटिमेंट है, जिसने भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) बुधवार को ₹29.79 करोड़ की नेट खरीदारी करके वापस लौटे हैं, और इस महीने का कुल इनफ्लो ₹2,845.27 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पहले की बिकवाली के दबाव को पलट रहा है।
IT सेक्टर का हाल और भविष्य
Nifty IT इंडेक्स, जिसका P/E रेश्यो 25.8 है, ब्रॉडर मार्केट्स से पिछड़ रहा है। पिछले 12 महीनों में यह 9.95% गिरा है, जबकि Nifty 50 में 8.78% का इजाफा हुआ है। भारत की बड़ी IT कंपनियां जैसे TCS और Infosys 21-22 के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रही हैं, वहीं HCL Technologies 25.66 पर और Wipro 18.47 पर है। ऐतिहासिक रूप से, भारतीय IT सेक्टर पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के प्रति संवेदनशील रहा है, और जब ग्लोबल डिमांड कमजोर होती है तो इसमें तेज गिरावट देखी जाती है। AI ग्रोथ की स्थिरता और हाई वैल्यूएशन्स को लेकर चिंताएं इस मौजूदा गिरावट को बढ़ा रही हैं, जिससे भारतीय टेक स्टॉक्स पर दबाव बने रहने की आशंका है।
आने वाले दिनों में ये इवेंट्स तय करेंगे बाज़ार की चाल
निवेशक तिमाही नतीजों पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। Bharti Airtel और Hero MotoCorp 5 फरवरी 2026 को अपने Q3 FY26 के रिजल्ट्स जारी करेंगे। फाइनेंशियल एनालिस्ट्स दोनों कंपनियों के लिए रेवेन्यू और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, और Hero MotoCorp अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) पर भी विचार कर सकती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का मॉनेटरी पॉलिसी फैसला शुक्रवार को आना है, जिसमें ब्याज दरों में कोई बदलाव न होने की उम्मीद है। ये सभी इवेंट्स व्यक्तिगत स्टॉक परफॉर्मेंस और ओवरऑल बाज़ार सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकते हैं।
FIIs की वापसी: उम्मीद या खतरे की घंटी?
FIIs का नेट खरीदार के रूप में लौटना, भले ही मामूली मात्रा में हो, कुछ सहारा दे रहा है। यह खरीदारी साल की शुरुआत में हुए बड़े आउटफ्लो (outflows) के बाद आई है। हालांकि यह भारतीय इक्विटीज में फिर से रुचि का संकेत हो सकता है, यह ग्लोबल सेक्टर-स्पेसिफिक री-इवैल्यूएशन (re-evaluations) के बीच हो रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी में। FII इनफ्लो की स्थिरता ग्लोबल टेक वैल्यूएशन्स की चिंताओं के समाधान और डोमेस्टिक इकोनॉमिक ड्राइवर्स की निरंतर मजबूती पर निर्भर करेगी, साथ ही जियोपॉलिटिकल ट्रेड डेवलपमेंट का भी असर रहेगा।
