बाज़ार में लौटी रौनक: सस्ते हुए कच्चे तेल और सुधरे वैल्युएशन का असर
आज यानि बुधवार को भारतीय शेयर बाज़ार के प्रमुख इंडेक्स Sensex में 1205 अंकों का उछाल देखा गया, जिससे यह 75,273.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty50 भी 394 अंक बढ़कर 23,306.45 पर पहुंच गया। वैश्विक सेंटीमेंट में सुधार और पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों से कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट, जैसे ब्रेंट क्रूड $98.79 और WTI $87.24 प्रति बैरल तक लुढ़क गया, बाज़ार को सपोर्ट कर रही थी।
बाज़ार का भरोसा बढ़ा
Geojit Investments Limited के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा, 'पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों और भू-राजनीतिक जोखिमों के कम होने से बाज़ार का मूड सकारात्मक बना हुआ है।' बाज़ार में आई इस तेज़ी की एक और बड़ी वजह भारत के स्टॉक वैल्युएशन (Stock Valuations) का सुधरकर ज़्यादा संतुलित स्तर पर आना रहा। यह बदलाव निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहा है और यह संकेत दे रहा है कि बाज़ार अब सिर्फ सेंटीमेंट पर नहीं, बल्कि ठोस फंडामेंटल पर आगे बढ़ रहा है।
साइक्लिकल स्टॉक्स चमके, IT सेक्टर पर लगा ब्रेक
बाज़ार में चौतरफ़ा खरीदारी देखने को मिली, जिसमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Consumer Durables), रियल एस्टेट (Real Estate) और PSU बैंकर्स जैसे सेक्टर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। Sensex के टॉप गेनर्स में UltraTech Cement 4% तक, Larsen and Toubro लगभग 3.5-4%, Bajaj Finance करीब 4%, Titan Company 3.50% और Trent 4% ऊपर चढ़े। हालांकि, यह तेज़ी सभी सेक्टर्स में एक जैसी नहीं रही। खासकर, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर पर दबाव देखा गया। Tech Mahindra Ltd 1.31% गिरकर 1413.9 पर आ गया, जो कि इसकी सबसे बड़ी गिरावट थी। Power Grid Corporation of India Ltd में भी गिरावट रही, वहीं Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys जैसी बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में भी क्रमशः 0.67% और 0.13% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
IT सेक्टर की कमजोर पकड़ और भू-राजनीतिक जोखिम
IT सेक्टर की कमजोरी की बात करें तो TCS जैसी बड़ी IT कंपनियां अपने 52-वीक लो (52-week low) के करीब ट्रेड कर रही हैं। कई एनालिस्ट्स (Analysts) इन्हें 'Sell' या 'Hold' की सलाह दे रहे हैं। Infosys को 'Hold' रेटिंग मिली हुई है, जो एक तरह की सावधानी दिखाती है। Tech Mahindra को हाल ही में MarketsMOJO ने वैल्युएशन की चिंताओं और सेक्टर की चुनौतियों के कारण 'Sell' रेटिंग दी है, भले ही कुछ एनालिस्ट्स को इसमें अभी भी तेज़ी की उम्मीद हो।
सतर्क आशावाद और आगे की राह
भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद, पश्चिम एशिया में तनाव का कम होना बाज़ार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग बाधित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर से बड़ी अस्थिरता आ सकती है। L&T जैसे शेयरों में पुट ऑप्शन (Put Option) की बढ़ती एक्टिविटी दिखाती है कि निवेशक शॉर्ट-टर्म के प्राइस रिस्क (Price Risk) को लेकर सतर्क हैं। वर्तमान में, बाज़ार का मूड सावधानीपूर्वक आशावादी (Cautiously Optimistic) है। भारत के वैल्युएशन प्रीमियम में सुधार जारी रहने से बाज़ार को और मजबूती मिल सकती है। लेकिन IT सेक्टर का लगातार कमजोर प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। वैश्विक मंदी या कोई नई भू-राजनीतिक समस्या बाज़ार की तेज़ी को रोक सकती है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि तिमाही के अंत तक ब्रेंट क्रूड औसतन $112.57 के आसपास रह सकता है, जो पिछले स्तरों की तुलना में अभी भी ज़्यादा है। बाज़ार का भविष्य शांत भू-राजनीति और घरेलू मांग पर निर्भर करेगा।