Indian Markets ने पकड़ी रफ़्तार! 1500 अंकों की गिरावट के बाद Sensex-Nifty में शानदार वापसी

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Markets ने पकड़ी रफ़्तार! 1500 अंकों की गिरावट के बाद Sensex-Nifty में शानदार वापसी
Overview

मंगलवार, 2 अप्रैल को भारतीय शेयर बाज़ारों में ज़बरदस्त वापसी देखने को मिली। भू-राजनीतिक तनाव के चलते 1500 अंकों से ज़्यादा की गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग (Value Buying) और रुपये के मज़बूत होने से Sensex और Nifty दोनों रिकवर हुए। हालांकि, निवेशकों में एहतियात बनी हुई है और पैसा डिफेंस, एनर्जी व लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स की ओर बढ़ रहा है।

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भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच बाज़ार में बड़ी वोलेटिलिटी (Volatility)

2 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाज़ार ने एक बड़ा उतार-चढ़ाव देखा। एक समय Sensex और Nifty में 1500 अंकों से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में दिन के निचले स्तरों से लगभग 1.6% की रिकवरी आई। इस वोलेटिलिटी (Volatility) की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (West Asia) से बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा। इस बीच, ब्रेंट क्रूड (Brent crude) के दाम $87 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए, जिससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंताएं बढ़ गईं।

एशियाई बाज़ार जहाँ लगभग 1.2% गिरे, वहीं भारतीय बाज़ारों में वैल्यू बाइंग (Value Buying) और मज़बूत हो रहे रुपये (Rupee) ने रिकवरी में मदद की।

सेक्टर्स में क्यों हो रहा है बदलाव?

मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल और महंगाई की चिंताओं के चलते निवेशक अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (Rebalance) कर रहे हैं। पैसा उन सेक्टर्स की ओर बढ़ रहा है जो ज़्यादा मज़बूत माने जाते हैं और लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं, खासकर डिफेंस टेक्नोलॉजी, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स।

हाल के प्रदर्शन की बात करें तो, डिफेंस स्टॉक्स (Defence Stocks) इस फाइनेंशियल ईयर में अब तक लगभग 15-20% तक बढ़ चुके हैं, जबकि एनर्जी स्टॉक्स (Energy Stocks) में करीब 10-12% का उछाल आया है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर थोड़ा पीछे रहा है, जिसमें 5-7% की ही तेजी देखी गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि डिफेंस स्टॉक्स को सरकारी नीतियों और खरीद के चलते अच्छा समर्थन मिल रहा है। एनर्जी सेक्टर के लिए तेल की कीमतों पर नज़र रखनी होगी, वहीं लॉजिस्टिक्स सेक्टर का प्रदर्शन इकोनॉमी की रिकवरी पर निर्भर करेगा।

आने वाले आंकड़े और RBI का रुख

आने वाले हफ्तों में कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं। भारत के सर्विसेज PMI (Purchasing Managers' Index) के मार्च के आंकड़े 57.5 रहे, जो कि अच्छी ग्रोथ का संकेत देते हैं। वहीं, अमेरिका के सर्विसेज PMI में भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन (57.0) देखने को मिला।

अमेरिका की चौथी तिमाही 2025 की GDP ग्रोथ 0.8% तक बढ़ाई गई और शुरुआती जॉबलेस क्लेम्स (Jobless Claims) घटकर 205,000 पर आ गए, जो लेबर मार्केट की मजबूती दर्शाते हैं। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में मामूली गिरावट आई है, जो अब $697.9 बिलियन है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी हालिया MPC मीटिंग के बाद रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रखा है, जिसका मकसद महंगाई को काबू में रखते हुए ग्रोथ को बनाए रखना है।

बाज़ार में बने रहेंगे रिस्क

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव सबसे बड़ी चिंता का विषय है। इससे तेल की कीमतों में और तेज़ी आ सकती है और ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) प्रभावित हो सकती है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।

लगातार बढ़ती महंगाई, जैसा कि अमेरिका में CPI में 0.4% की मासिक वृद्धि देखी गई, RBI जैसी केंद्रीय बैंकों पर सख्त कदम उठाने का दबाव बना सकती है, जो इकोनॉमिक ग्रोथ को धीमा कर सकता है।

बाज़ार का वैल्यू बाइंग (Value Buying) और मज़बूत रुपये पर निर्भर रहना भी बाज़ार की कमज़ोरी को दिखाता है। कोई भी बुरी खबर बाज़ार में फिर से बड़ी गिरावट ला सकती है।

आगे क्या?

निवेशकों का रुझान डिफेंसिव एसेट्स (Defensive Assets) और इकोनॉमिक रिकवरी की उम्मीदों के बीच बंटा रह सकता है। ब्याज दरों और महंगाई पर आगे आने वाले आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के कमेंट्स महत्वपूर्ण होंगे।

10 अप्रैल को Propshare Celestia SM REIT IPO भी खुलेगा। जब तक भू-राजनीतिक तनाव बना रहेगा, डिफेंस स्टॉक्स के अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है। बाज़ार की दिशा महंगाई नियंत्रण और ग्लोबल स्थिरता पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.