बाजार में लौटी रौनक, क्यों आई इतनी बड़ी तेजी?
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में जोश लौट आया। Sensex और Nifty दोनों ही 1.15% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। यह तेजी उन 6 हफ्तों की लगातार गिरावट को तोड़कर आई है, जिसने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। इस बार के उछाल को वेस्ट एशिया में शांति की उम्मीदों और खासकर संस्थागत निवेशकों (institutional investors) द्वारा की गई जोरदार खरीदारी से बल मिला।
इस मजबूत परफॉर्मेंस ने साफ संकेत दिया कि निवेशक अब फंडामेंटली मजबूत कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं, खासकर जब मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स (macroeconomic indicators) पर थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।
किन कंपनियों ने दिखाया दम?
Shriram Finance:
यह कंपनी शुक्रवार को 3.14% और पूरे हफ्ते में 15.14% चढ़ी। वजह थी इसकी लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग्स को 'CRISIL AAA/CRISIL PPMLD AAA/Stable' और '[ICRA]AAA; Stable' तक अपग्रेड किया जाना। इससे कंपनी का क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत हुआ है और उधारी की लागत कम होने की उम्मीद है। Shriram Finance, जो कमर्शियल व्हीकल फाइनेंसिंग में एक बड़ी कंपनी है, का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.89 लाख करोड़ से ₹2.41 लाख करोड़ के बीच है। इसका TTM P/E रेश्यो 20.43 से 26.43 के बीच रहा है। एनालिस्ट्स ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹1,167.50 तय किया है। हालांकि, RBI के नए NBFC नियमों से लीडरशिप कंटिन्यूटी पर सवाल उठ सकते हैं। Macquarie ने भी कहा है कि कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का गाइडेंस पूरा करना मुश्किल हो सकता है।Adani Enterprises:
यह स्टॉक शुक्रवार को 2.27% और हफ्ते भर में 13.79% बढ़ा। इसका मुख्य कारण अमेरिका की एक अदालत का वो फैसला था, जिसने SEC द्वारा दायर सिविल सिक्योरिटीज फ्रॉड केस को खारिज करने के लिए सुनवाई की अर्जी को स्वीकार कर लिया। यह कदम Adani ग्रुप के शेयरों के लिए बड़ी राहत है, जो रेगुलेटरी चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहते हैं। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹2.69 लाख करोड़ है और P/E रेश्यो लगभग 18.65 है, जो इंडस्ट्री एवरेज 43.65 से काफी कम है। एनालिस्ट्स का 'Buy' का सुझाव है और एवरेज टारगेट ₹3,433 है। हालांकि, रिश्वतखोरी की योजनाओं के आरोप अभी भी मौजूद हैं, जो भविष्य में रेगुलेटरी जांच का कारण बन सकते हैं। कंपनी का 2.0250 का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो इसे लीवरेज्ड फाइनेंशियल स्ट्रक्चर वाला बनाता है।Tata Motors:
Tata Motors का पैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट शुक्रवार को 2.81% और हफ्ते भर में 13.09% चढ़ा। यह ऑटो सेक्टर में दिख रहे पॉजिटिव सेंटिमेंट से प्रेरित था। ICRA का अनुमान है कि FY26-27 में ऑटो इंडस्ट्री में वॉल्यूम ग्रोथ 3-6% रह सकती है, जिसमें पैसेंजर व्हीकल्स 4-6% बढ़ सकते हैं। Tata Motors का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1.22 लाख करोड़ से ₹1.63 लाख करोड़ के बीच है। इसका TTM P/E रेश्यो 54.41 से 63.19 के आसपास है, जो Toyota (P/E 8.73) और Ford (P/E 12.3) जैसे ग्लोबल पियर्स से काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन तभी टिकाऊ है जब सेक्टर की ग्रोथ अनुमान के मुताबिक बनी रहे। इसके बावजूद, एनालिस्ट्स ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस करीब ₹513.38 रखा है। कंपनी ने यूके में EV बैटरी गीगाफैक्ट्री के लिए $510 मिलियन का अवार्ड भी जीता है।
सेक्टर्स का हाल और आगे क्या?
जहां प्रमुख इंडेक्स चढ़े, वहीं सेक्टर परफॉरमेंस मिली-जुली रही। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर्स ने पहले के मुकाबले कम परफॉरमेंस दिखाई, जबकि IT सेक्टर में TCS की अर्निंग्स से पहले मजबूती दिखी। Nifty MidCap और Nifty SmallCap ने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा, जो बड़े शेयरों के अलावा अन्य कंपनियों में भी बाइंग इंटरेस्ट दिखा रहा था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का पैसा अभी भी बाजार से बाहर जा रहा है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने कुछ बिकवाली को संभाला है।
आगे चलकर, वेस्ट एशिया में युद्धविराम कितना टिकाऊ रहता है और IT सेक्टर की दिग्गज TCS के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।