विदेशी निवेशकों की बिकवाली, घरेलू खरीदार हावी
भारतीय इक्विटी बाज़ार में विदेशी निवेशकों (FIIs) का निकलना जारी है, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी अप्रैल 2026 तक घटकर 14.7% रह गई है। यह स्तर जून 2012 के बाद सबसे कम है। वहीं, दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 18.9% कर ली है, जो पिछले कई सालों का रिकॉर्ड है। DIIs लगातार FIIs द्वारा बेचे गए शेयरों को खरीद रहे हैं।
IT, BFSI, FMCG से FIIs की दूरी
पिछले एक साल में, विदेशी निवेशकों ने कई प्रमुख सेक्टरों से पैसे निकाले हैं। सबसे ज़्यादा बिकवाली IT सेक्टर में हुई है, जहाँ से $9.22 बिलियन बाहर गए हैं। इसके बाद बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा (BFSI) सेक्टर से $6.06 बिलियन और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर से $3.74 बिलियन की निकासी हुई है। इन सेक्टर्स का निफ्टी इंडेक्स पर बड़ा प्रभाव है, इसलिए FIIs की बिकवाली ने बाज़ार को प्रभावित किया है।
उदाहरण के लिए, IT स्टॉक KPIT Technologies में FIIs की बिकवाली के चलते पिछले साल शेयर की कीमत लगभग 44.97% गिर गई थी, जो ₹729.15 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, Axis Bank और Patanjali Foods जैसे स्टॉक्स में भी FIIs की बिकवाली देखी गई। Patanjali Foods का शेयर ₹460.50 के आसपास था।
FIIs का नया इन्वेस्टमेंट फोकस
FIIs अब अपने पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित कर रहे हैं। वे उन सेक्टर्स की ओर बढ़ रहे हैं जिन्हें ज़्यादा स्थिर माना जाता है और जो वैश्विक स्तर पर भी प्रासंगिक हैं, जैसे कि कम्युनिकेशन सर्विसेज (Communication Services) और हेल्थकेयर (Healthcare)। वे घरेलू खपत (consumption) और ब्याज दर के प्रति संवेदनशील वित्तीय (financials) सेक्टर्स से अपना एक्सपोजर कम कर रहे हैं।
हालाँकि, कुछ सेक्टर्स में विदेशी निवेश आकर्षित भी हुआ है। कैपिटल गुड्स (Capital Goods) सेक्टर में $2.89 बिलियन का इनफ्लो देखा गया है, जो भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ में विश्वास दिखाता है। टेलीकॉम (Telecom) सेक्टर में भी $2.91 बिलियन का नेट पॉजिटिव इनफ्लो हुआ। अप्रैल 2026 में, पावर (Power) सेक्टर में $584 मिलियन, कैपिटल गुड्स में $455 मिलियन और मेटल्स (Metals) में $126 मिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया।
DIIs की खरीददारी से बाज़ार को सहारा
घरेलू निवेशक, विशेष रूप से सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIPs) से लगातार आ रहे फंड की बदौलत, बाज़ार को सहारा दे रहे हैं। DIIs ने उन 41 निफ्टी स्टॉक्स में से 39 में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है जहाँ FIIs ने बिकवाली की थी। इस घरेलू मांग ने विदेशी बिकवाली के असर को कुछ हद तक कम किया है।
वैल्यूएशन और वित्तीय जोखिमों पर चिंता
FIIs द्वारा IT, BFSI और FMCG जैसे सेक्टर्स में हिस्सेदारी कम करने से यह सवाल उठता है कि क्या ये सेक्टर्स लंबे समय तक विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बने रहेंगे। कुछ कंपनियों जैसे KPIT Technologies के शेयर की कीमत पिछले साल 44.97% गिरी है। One 97 Communications (Paytm) जैसी कंपनियों के लिए, 100 से अधिक के हाई P/E मल्टीपल्स, 2.21 का हाई डेट-टू-इक्विटी रेश्यो और -59.90 का नेगेटिव इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो जैसी स्थितियाँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।
विश्लेषकों का नज़रिया
वर्तमान बिकवाली के बावजूद, कई प्रभावित कंपनियों के लिए विश्लेषकों का नज़रिया अभी भी सकारात्मक है। KPIT Technologies के लिए 'Buy' की रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस लगभग ₹903.70 है। Patanjali Foods के लिए भी ₹611 का टारगेट दिया गया है, और One 97 Communications (Paytm) के लिए ₹1,374 का औसत टारगेट प्राइस बताया गया है। बाज़ार का भविष्य कमाई (earnings) में स्थिरता, ट्रेड अनिश्चितताओं के समाधान और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच घरेलू मांग पर निर्भर करेगा।
