India Services Sector: मई में **27%** की शानदार बढ़त, फूड और रियल एस्टेट सबसे आगे!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Services Sector: मई में **27%** की शानदार बढ़त, फूड और रियल एस्टेट सबसे आगे!

भारत का सर्विसेज सेक्टर मई 2026 में लगातार मजबूत बना रहा, जिसमें फूड सर्विसेज और रियल एस्टेट सेक्टर ने सबसे ज्यादा तरक्की की। हालांकि, अप्रैल की तुलना में कुछ सेक्टर्स में ग्रोथ थोड़ी धीमी हुई है, जो टिकाऊ विकास की ओर इशारा कर रहा है।

सर्विसेज सेक्टर में दिखी जोरदार ग्रोथ

नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) द्वारा जारी सर्विसेज प्रोडक्शन इंडेक्स (Index of Services Production) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय सर्विसेज इकोनॉमी में मई 2026 में अच्छी, हालांकि थोड़ी धीमी पड़ती हुई, ग्रोथ दर्ज की गई है। मई के आंकड़ों में 19 में से 16 सर्विसेज सब-सेक्टर्स ने साल-दर-साल (Year-on-Year) आधार पर विस्तार दिखाया, जिसमें से आठ सेक्टर्स ने डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल की। यह दिखाता है कि सर्विसेज सेक्टर अभी भी अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है, भले ही कुछ सेक्टर्स अपनी पिछली तेज ग्रोथ से थोड़ी सामान्य स्थिति में आ रहे हैं।

ग्रोथ के लीडर्स और सेक्टर परफॉरमेंस

मई में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर्स में 'अकोमोडेशन और फूड सर्विसेज' शामिल रहा, जिसने 27.4% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की। इसके बाद रियल एस्टेट सेक्टर 17.7% की बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर रहा। अन्य प्रमुख सेक्टर्स जिन्होंने इस ग्रोथ में योगदान दिया, उनमें रिटेल ट्रेड (13.3%), बैंकिंग सर्विसेज (12.1%), और टेलीकम्युनिकेशंस (11.8%) शामिल हैं। लॉजिस्टिक्स स्पेस में भी तेजी जारी रही, जहां वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट सपोर्ट सर्विसेज में 11.5% की वृद्धि हुई, जबकि प्रोफेशनल और आईटी सर्विसेज में क्रमशः 11.0% और 10.3% का इजाफा हुआ।

प्रमुख सेक्टर्स में सामान्य होती ग्रोथ

हालांकि साल-दर-साल ग्रोथ के आंकड़े अभी भी मजबूत हैं, लेकिन यह डेटा अप्रैल में देखी गई उच्च ग्रोथ रेट्स से सामान्यीकरण (Normalization) की स्पष्ट प्रवृत्ति को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, अकोमोडेशन और फूड सर्विसेज की ग्रोथ अप्रैल के 37.2% की तुलना में मई में 27.4% पर आ गई। इसी तरह, रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ अप्रैल के 27.7% से घटकर मई में 17.7% रह गई। रिटेल ट्रेड सेक्टर में यह गिरावट और भी ज्यादा दिखी, जो अप्रैल के 30.8% से घटकर 13.3% पर आ गया। ग्रोथ रेट्स का धीमा होकर अधिक टिकाऊ स्तरों पर आना एक सामान्य प्रवृत्ति है, खासकर जब सेक्टर्स अत्यधिक अस्थिरता के बाद रिकवरी के दौर से गुजर रहे होते हैं।

ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर में मिले-जुले नतीजे

मई में ब्रॉडर ट्रांसपोर्ट सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जहां वेयरहाउसिंग और सपोर्ट सर्विसेज डबल-डिजिट में बने रहे, वहीं अन्य विशिष्ट क्षेत्रों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एयर ट्रांसपोर्ट 2.8% सिकुड़ गया, और पोस्टल व कूरियर सेगमेंट में भी गिरावट देखी गई। इसके अलावा, सूचना और प्रसारण (Information and Broadcasting) सर्विसेज में 7.6% की गिरावट के साथ सभी मॉनिटर किए गए सब-सेक्टर्स में सबसे बड़ी सिकुड़न दर्ज की गई। यह भिन्नता बताती है कि जहां इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सर्विसेज स्थिर मांग से लाभान्वित हो रही हैं, वहीं कुछ कंज्यूमर-फेसिंग और स्पेशलाइज्ड ट्रांसपोर्ट सेगमेंट्स अधिक कठिन माहौल का सामना कर रहे हैं।

आने वाले महीनों में सर्विसेज इकोनॉमी पर नजर रखने वाले निवेशकों को इन अलग-अलग रुझानों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुख्य बात यह होगी कि क्या ग्रोथ रेट्स में यह सामान्यीकरण लंबी अवधि के औसत की ओर जारी रहता है या कुछ खास सेक्टर्स फेस्टिव या मौसमी चक्रों के माध्यम से फिर से गति पकड़ पाते हैं। रियल एस्टेट, रिटेल और बैंकिंग सेक्टर्स की लिस्टेड कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजों पर नज़र रखने से यह समझने में और मदद मिलेगी कि ये मैक्रो-लेवल ट्रेंड्स कॉर्पोरेट प्रॉफिट मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में कैसे तब्दील हो रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.