India Services Growth: मई में सर्विसेज सेक्टर की रफ्तार धीमी, ग्रोथ 9.8% पर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Services Growth: मई में सर्विसेज सेक्टर की रफ्तार धीमी, ग्रोथ 9.8% पर

भारत के फॉर्मल सर्विसेज सेक्टर में मई 2026 में ग्रोथ घटकर **9.8%** रह गई, जो अप्रैल के **20.8%** की तुलना में काफी कम है। 19 में से केवल 8 सब-सेक्टर ही डबल-डिजिट ग्रोथ दिखा पाए, एयर ट्रांसपोर्ट और ब्रॉडकास्टिंग जैसे सेक्टर्स में गिरावट आई। हालांकि, इकोनॉमिस्ट्स तिमाही के ओवरऑल ट्रेंड को लेकर पॉजिटिव हैं।

सर्विसेज सेक्टर की चाल धीमी

सब-सेक्टरल ट्रायल इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) के मुताबिक, मई 2026 में भारत के सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ में खास नरमी देखी गई। इस महीने के लिए हेडलाइन ग्रोथ 9.8% रही, जो अप्रैल में दर्ज 20.8% की ग्रोथ से काफी कम है। यह डेटा मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा प्रायोगिक आधार पर जारी किया गया है और यह GST व एडमिनिस्ट्रेटिव रिकॉर्ड्स का उपयोग करके फॉर्मल सेक्टर की कंपनियों को ट्रैक करता है।

सब-सेक्टर्स का प्रदर्शन

इस बार 19 में से केवल 8 सब-सेक्टर्स ही डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल कर पाए, जो पिछले महीने के 14 सब-सेक्टर्स से कम है। होटल और खान-पान (Accommodation and food) सेगमेंट की ग्रोथ 27.4% रही, जो अप्रैल में 37.2% थी। वहीं, पोस्टल और कूरियर सर्विसेज, इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग, और एयर ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर्स में गिरावट दर्ज की गई। एयर ट्रांसपोर्ट में लगातार दूसरे महीने निगेटिव ग्रोथ देखी गई, जिसका मुख्य कारण फ्यूल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल इश्यूज हो सकते हैं।

हालांकि, कुछ सेक्टर्स में सुधार भी हुआ। रेलवे ट्रांसपोर्ट, जो पहले गिरावट में था, अब पॉजिटिव ग्रोथ में लौट आया है। रियल एस्टेट, रिटेल ट्रेड और बैंकिंग जैसे अहम सेक्टर्स ने डबल-डिजिट एक्सपेंशन के साथ इंडेक्स को सपोर्ट करना जारी रखा।

इकोनॉमिक्स और निवेशकों के लिए अहम बातें

इकोनॉमिस्ट्स के अनुसार, रिटेल ट्रेड, रोड ट्रांसपोर्ट, IT और एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट सर्विसेज जैसे अहम क्षेत्रों में धीमी ग्रोथ इस मासिक नरमी के पीछे मुख्य कारण है। इन सबके बावजूद, आठ प्रमुख सर्विसेज (जो इंडेक्स के 87% वेटेज को कवर करती हैं) की औसत ग्रोथ 10.3% रही।

निवेशकों के लिए, मिनिस्ट्री द्वारा ISP को बेहतर बनाने के साथ-साथ इस डेटा की कंसिस्टेंसी पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि फॉर्मल सेक्टर मजबूत रहा है, यह इंडेक्स इनफॉर्मल इकोनॉमी या कोर गवर्नमेंट सर्विसेज को कवर नहीं करता है। भविष्य के अपडेट्स यह देखने के लिए महत्वपूर्ण होंगे कि क्या यह मंदी एक अस्थायी मासिक उतार-चढ़ाव है या IT और एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज की डिमांड में एक टिकाऊ ट्रेंड है। एनालिस्ट्स अप्रैल-जून तिमाही के ओवरऑल प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं, जहां इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) में पॉजिटिव ट्रेंड सर्विसेज सेक्टर के साथ मिलकर ओवरऑल इकोनॉमिक मोमेंटम बनाए रखने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.