ग्रामीण इलाकों का दबदबा, कारोबार में जबरदस्त उछाल
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में भारत के गैर-कृषि छोटे व्यवसायों वाले सेक्टर ने शानदार तरक्की की है। एक साल पहले की तुलना में ऐसे कारोबारों की संख्या 16.69% बढ़कर 9.16 करोड़ हो गई। इस ग्रोथ में ग्रामीण इलाकों का दबदबा रहा, जहां ऐसे प्रतिष्ठानों में 20.46% की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि शहरी इलाकों में यह 12.59% रही। सेवा क्षेत्र (Services Sector) इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण रहा, जिसके प्रतिष्ठानों में 24.82% का इजाफा हुआ और रोजगार 31.13% बढ़ा। यह बड़े शहरों के बाहर स्वरोजगार और छोटे व्यापार शुरू करने के बढ़ते चलन को दिखाता है, जो ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को भी समर्थन देता है।
रोजगार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, बढ़ा स्वरोजगार का चलन
Q1 2026 में गैर-कृषि छोटे व्यवसायों वाले सेक्टर में कुल रोजगार 15.17 करोड़ लोगों तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 15.51% ज्यादा है। अब काम करने वाले मालिक (Working Owners) कार्यबल का 60.97% हिस्सा हैं, जो पिछले साल के 58.29% से ज्यादा है। वहीं, काम पर रखे गए कर्मचारियों (Hired Workers) की हिस्सेदारी घटकर 24.77% रह गई। ग्रामीण रोजगार में 21.65% की भारी बढ़ोतरी हुई, जो शहरी इलाकों के 10.39% ग्रोथ से कहीं ज्यादा है। इससे पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्र रोजगार पैदा करने और उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डिजिटल अपना रहे हैं छोटे कारोबारी
छोटे व्यवसायों में डिजिटल साधनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। करीब 81% प्रतिष्ठान इंटरनेट और यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल पेमेंट तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। इस डिजिटल इंटीग्रेशन और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत विस्तार के साथ, यह सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा बन गया है, जो जीडीपी और रोजगार में योगदान दे रहा है। सरकार की ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कौशल विकास पहलों से इस ट्रेंड को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, खासकर सेवा क्षेत्र में लगातार ग्रोथ और विविधीकरण (Diversification) की अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं।
