FY26 में टैक्स कलेक्शन ने तोड़े रिकॉर्ड
फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में सरकार का टैक्स कलेक्शन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से होने वाली कमाई ने रिवाइज्ड अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया। अकेले सेंट्रल जीएसटी (Central GST) ने अपने टारगेट का 100.8% हासिल किया, वहीं कुल जीएसटी और अन्य टैक्स कलेक्शन 101% तक पहुंच गए। कस्टम्स ड्यूटी से 102% और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी से 101% कलेक्शन टारगेट पूरा हुआ, जो देश की मजबूत आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है।
FY27 के अनुमानों में क्यों हो रहा बदलाव?
FY26 के शानदार प्रदर्शन के बावजूद, सरकार FY27 में इसी रफ्तार को बनाए रखने को लेकर थोड़ी सतर्क है। इसकी मुख्य वजह कस्टम्स ड्यूटी में दी गई या दी जाने वाली छूटें हैं। इन छूटों का मकसद वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों और महंगाई से घरेलू अर्थव्यवस्था को बचाना है। हालांकि, माना जा रहा है कि इन उपायों से आने वाले फाइनेंशियल ईयर में टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ थोड़ी धीमी पड़ सकती है।
वैश्विक झटकों का असर
सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ वैश्विक बदलावों के अनुरूप खुद को ढालना है। आने वाले दिनों में ड्यूटी छूटों, खासकर कस्टम्स टैरिफ पर, विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह कदम रेवेन्यू का सटीक अनुमान लगाने और बजट संबंधी निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है।
रेवेन्यू लक्ष्य और सपोर्ट में संतुलन
एक फरवरी से लागू हुए बदलावों के कारण कुछ सेस (Cess) कलेक्शन में आई कमी ने भी रेवेन्यू के अनुमानों को और जटिल बना दिया है। सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करे और साथ ही वैश्विक दबावों के खिलाफ आर्थिक मजबूती को बनाए रखने के लिए लचीलापन भी बनाए रखे।