बाज़ार में मचा हाहाकार
यह 'बजट डे' भारतीय शेयर बाज़ार के लिए पिछले 6 सालों में सबसे खराब दिन साबित हुआ। मुख्य इक्विटी इंडेक्स, BSE Sensex और NSE Nifty, दोनों ही 1 फरवरी को करीब 2% की भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
Sensex 1,547 अंक लुढ़ककर 80,723 पर आ गया, जबकि Nifty 495 अंक गिरकर 24,825 पर बंद हुआ, जिसने 24,900 का लेवल भी तोड़ दिया। इस जबरदस्त बिकवाली के चलते BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप कुल ₹11 लाख करोड़ घट गया। मार्केट में गिरते शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से दोगुनी थी, जो 1:2 के एडवांस-डिक्लाइन रेशियो से साफ जाहिर होता है।
सेक्टर्स पर टूटा कहर
इस बजट के बाद हुए सेल-ऑफ (Sell-off) ने कई सेक्टर्स को बुरी तरह प्रभावित किया। Nifty Metal इंडेक्स में 4% की भारी गिरावट आई। डिफेंस स्टॉक्स भी धराशायी हो गए, कुछ शेयर 10% तक नीचे आ गए। कैपिटल मार्केट से जुड़े स्टॉक्स पर भी दबाव रहा; फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी के कारण Angel One शेयर 9% तक गिर गया। PSU बैंकिंग सेगमेंट में भी भारी बिकवाली दिखी, जिसके चलते Nifty PSU Bank इंडेक्स 6% लुढ़क गया। रेलवे स्टॉक्स पर भी असर पड़ा, Jupiter Wagons 7% तक गिर गया।
इंडिविजुअल स्टॉक परफॉरमेंस
मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भारी गिरावट देखी गई। MCX 11% से ज़्यादा गिर गया। Hindustan Zinc भी 9% और लुढ़क गया। Finance Minister द्वारा REC और PFC जैसी कंपनियों के रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) के ऐलान के बाद इन स्टॉक्स के भाव में नरमी आई। कुछ स्टॉक्स में तेज़ी भी दिखी, जैसे Amber Enterprises 5% चढ़ा, लेकिन Dixon Technologies जैसी कंपनियों ने शुरुआती तेज़ी को बनाए नहीं रखा। मार्केट में इस बड़ी हलचल की मुख्य वजहें शेयर बायबैक टैक्सेशन (Share Buyback Taxation) में बदलाव और F&O पर STT का बढ़ना रहीं।