अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में आग, बाज़ार चिंतित
अमेरिका और ईरान के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट में चिंता बढ़ा दी है। इसी का नतीजा है कि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फ्यूचर डिलीवरी के लिए 2.26% बढ़कर $102.32 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर 2.06% चढ़कर $96.76 पर कारोबार कर रहा है। ब्रेंट क्रूड का $100 का स्तर पार करना भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
ग्लोबल मार्केट में गिरावट, FII आउटफ्लो और रुपये की कमजोरी भी बनी चिंता
इसी भू-राजनीतिक तनाव के चलते एशियाई बाज़ार भी गिरे हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, जापान और शंघाई के प्रमुख इंडेक्स 0.17% से लेकर 1.55% तक की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय इक्विटी बाज़ार ऐसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति काफी संवेदनशील हैं।
Enrich Money के CEO, पोनमुडी आर. का कहना है कि "अगर राजनयिक बातचीत में कोई महत्वपूर्ण प्रगति होती है या तेल की कीमतों में और नरमी आती है, तो बाज़ार में राहत की लहर आ सकती है। वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो गिरावट का खतरा बढ़ सकता है और मौजूदा जोखिम-विरोधी सेंटिमेंट (risk-off sentiment) और मजबूत हो सकता है।" Siddhartha Khemka of Motilal Oswal Financial Services ने यह भी जोड़ा कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) का लगातार आउटफ्लो और रुपये की कमजोरी भी दबाव बढ़ा रही है, जो बाज़ार सेंटिमेंट पर असर डाल सकती है।
