Indian Markets: हरे निशान पर शुरुआत की उम्मीद, पर FII की बिकवाली और ग्लोबल संकेतों से सचेत रहें

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Markets: हरे निशान पर शुरुआत की उम्मीद, पर FII की बिकवाली और ग्लोबल संकेतों से सचेत रहें
Overview

16 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian equity markets) में आज हरे निशान पर कारोबार शुरू होने की उम्मीद है। GIFT Nifty **25,500** के पार ट्रेड कर रहा है। हालांकि, 13 फरवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) की बड़ी बिकवाली और एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते कुछ सावधानी बरतना जरूरी है।

बाजार का मिजाज: उम्मीदों के बीच सावधानी

16 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian stock markets) एक सकारात्मक शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण GIFT Nifty का 25,500 के स्तर से ऊपर बने रहना है। लेकिन, इस शुरुआती उम्मीद पर कुछ चिंता के बादल मंडरा रहे हैं। 13 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी बिकवाली की, और वैश्विक बाजारों में भी एक सतर्कता का माहौल है। साथ ही, एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर (Lunar New Year) की छुट्टियों के चलते कारोबार हल्का रहने की उम्मीद है। ये सभी फैक्टर शुरुआती तेजी को प्रभावित कर सकते हैं।

FII की बिकवाली का असर

GIFT Nifty में मजबूती का संकेत सकारात्मक है, लेकिन 13 फरवरी को FIIs द्वारा की गई ₹7,395.41 करोड़ की नेट बिकवाली बेहद अहम है। यह अगस्त 2025 के बाद उनकी एक दिन की सबसे बड़ी बिकवाली थी। इतिहास गवाह है कि जब विदेशी निवेशक इतनी बड़ी मात्रा में बिकवाली करते हैं, तो बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है। 13 फरवरी 2025 को भी कुछ ऐसी ही बड़ी बिकवाली के बाद प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट आई थी। इस बिकवाली को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने कुछ हद तक संभाला, जिन्होंने उसी दिन ₹5,553.96 करोड़ के शेयर खरीदे, लेकिन FIIs की बिकवाली का पैमाना नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

ग्लोबल और डोमेस्टिक फैक्टर

एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। जापानी इंडेक्स में मामूली गिरावट देखी गई। चीन और हांगकांग में छुट्टियों के चलते कारोबारी गतिविधियां कम रहने का अनुमान है। अमेरिकी बाजारों ने शुक्रवार को मिले-जुले संकेत दिए। S&P 500 और Dow Jones Industrial Average में मामूली बढ़त रही, जबकि Nasdaq Composite थोड़ा नीचे आया। US Dollar Index (DXY) में मजबूती दिखी, जिससे डॉलर के मजबूत होने के संकेत मिले। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट आई, WTI $62.90 और Brent $67.74 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहे थे। गोल्ड (Gold) की कीमतों पर भी नजर रहेगी, MCX अप्रैल 2026 फ्यूचर्स ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर थे।

वैल्यूएशन और निवेशक भावना

भारतीय बाजार, Nifty 50, वर्तमान में लगभग 22.24 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। Sensex का P/E रेश्यो लगभग 22.7 है। ये वैल्यूएशन ऐतिहासिक औसत की तुलना में प्रीमियम माने जाते हैं, खासकर जब अर्निंग ग्रोथ (earnings growth) उम्मीद के मुताबिक न हो। विश्लेषकों का 2026 के लिए नजरिया सतर्कता के साथ सकारात्मक है, Nifty के लिए टारगेट 28,500 के आसपास रखा गया है। हालांकि, कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि बाजार में डिफेंसिव सेंटीमेंट (defensive sentiment) दिख रहा है, और 15 फरवरी 2026 तक Nifty का सपोर्ट 25,350-25,300 के दायरे में शिफ्ट हो गया है। इसका मतलब है कि GIFT Nifty सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है, लेकिन बड़े बाजार की भावना अधिक सतर्क है।

आगे क्या?

निवेशकों की नजरें FII/DII फ्लो, वैश्विक आर्थिक विकास और घरेलू संकेतों, खासकर 20 फरवरी को आने वाली RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मिनट्स पर टिकी रहेंगी। विश्लेषक 2026 में अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन इस बढ़त की निरंतरता घरेलू निवेश के समर्थन और विदेशी फ्लो के स्थिर होने पर निर्भर करेगी। बाजार की यह क्षमता कि वह बड़ी FII बिकवाली को झेलकर भी ऊपर की ओर बढ़ सकता है, यह उसके अगले कदम की दिशा तय करेगा।

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